महिलाओं को कानून का नहीं करना चाहिए दुर्पयोग,यह ज़िन्दगी है फिल्म नहीं.. पुरुष भी होते है प्रताड़ित

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ.किरणमयी नायक ने गुरुवार को बिलासपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जनसुनवाई की। सुनवाई में 20 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 7 प्रकरणों का निराकरण मौके पर ही किया गया। 11 दिसंबर को पुनः सुनवाई होगी। डॉ.नायक ने महिलाओं को झूठे मामले प्रस्तुत करने से बचने की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि कानूनों का दुरुपयोग करने पर उनका लाभ नहीं मिल पाता है।

प्रार्थना सभा भवन में हुई सुनवाई में मुख्य रूप से महिलाओं से मारपीट, मानसिक प्रताड़ना, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना, शारीरिक प्रताड़ना से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की गई। महाराणा प्रताप चौक बिलासपुर निवासी एक आवेदिका ने अपने सास ससुर के खिलाफ आयोग के  समक्ष शिकायत की थी। सास-ससुर उसके पति के साथ-साथ उसके मायके वालों को भी धमका रहे हैं। कारण है कि उन्होंने अपने पसंद से विवाह किया था। अनावेदक महिला के ससुर ने सुनवाई में उपस्थित होकर बताया कि उन्होंने अपने बेटे को संपत्ति से वर्ष 2013 में ही बेदखल कर दिया है। फिर भी वे दोनों पति-पत्नी उनके घर में घुसकर अधिकार जमाते हैं। आयोग की अध्यक्ष ने इस प्रकरण को गंभीरता से सुना और इस पर निर्णय लेते हुए प्रकरण को नस्तीबद्ध करने का निर्देश दिया। इस प्रकरण में झूठी शिकायत और दबाव से संबंध बनाने का प्रयास किया गया था।


एक प्रकरण में पति-पत्नी के बीच सुलह होने की संभावना है। इसे आयोग के समक्ष शुक्रवार को पुनः रखकर प्रकरण को निराकृत किया जाएगा।तखतपुर निवासी एक आवेदिका ने अपनी शिकायत में बताया था कि उनके घर के समीप स्थित मजार में जबरन कब्जा कर लिया गया है। विरोध करने पर उनके पति से झगड़ा किया गया। इस संबंध में तखतपुर थाने में रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई। अतरू उनकी जानमाल की सुरक्षा की जाए। अध्यक्ष डॉ.नायक के निर्देश पर दोनों पक्षों के बीच सामाजिक समझौता कराने के लिए आयोग की ओर से वक्फ बोर्ड को पत्र भेजा गया। पूरे मामले की जांच कराकर प्रतिवेदन तीन माह के भीतर प्रस्तुत करने के लिए वक्फ बोर्ड के सचिव को कहा गया है।सुनवाई में बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय, महापौर रामशरण यादव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, बिलासपुर शहर कांग्रेस कमेटी के शहर जिलाध्यक्ष प्रमोद नायक, संयुक्त कलेक्टर दिव्या अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह और अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी  मौजूद थे।