कल है ज्येष्ठ माह की विनायक चतुर्थी,जाने शुभ मुहूर्त,पूजन विधि और मान्यताएं

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हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। यह दिन भगवान गणेश का रहता है। उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म में गणपति को प्रथम पूजनीय देव माना गया है। किसी भी शुभ कार्य से पहले लंबोदर की पूजा की जाती है। विनायक चतुर्थी के दिन व्रत रखने से भगवान गणेश जातकों की सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं। आइए जानते हैं इस व्रत के शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि।

विनायक चतुर्थी कब है

  • – विनायक चतुर्थी तिथि आरंभ- 13 जून 2021 को रात 9 बजे 40 मिनट से
  • – ज्येष्ठ, चतुर्थी तिथि समाप्त- 14 जून 2021 को रात्री 10 बजकर 34 मिनट तक

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त

  • – अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11.54 से 12.49 मिनट तक।
  • – विजय मुहूर्त- दोपहर 2.41 बजे से 3.37 मिनट तक।
  • – गोधूलि बेला- शाम 7.06 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक।
  • – अमृत काल- दोपहर 1 बजकर 47 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक।

विनायक चतुर्था पूजा विधि

इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। घर के मंदिर में सफाई कर दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान गणेश की फोटो या प्रतिमा का गंगा जल से अभिषेक करें। फिर गणपति को सिंदूर का तिलक लगाएं और दूर्वा अर्पित करें। भगवान गणेश की आरती करें और भोग लगाए। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए ऊं गं गणपतयैं नमः मंत्र का जप करें।

विनायक चतुर्थी महत्व

चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। जातकों के सारे विघ्र व्रत रखने से दूर होते हैं। व्यापार और करियर में तरक्की होती है।