मुनगा और तुलसी : अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी छत्तीसगढ़ी मुनगा और तुलसी की मांग

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रायपुर। कोरोना काल में पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर छत्तीसगढ़ के मुनगा (सहजन) और तुलसी की मांग अंतराष्ट्रीय बाजार में तीन गुना बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ के किसान मुनगा और तुलसी की खेती करके इसके कच्चे और निर्मित उत्पादों को जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका जैसे बड़े देशों की कंपनियों को निर्यात कर रहे हैं। एक साल के भीतर अकेले विदेशों में करीब 200 टन माल भेजा गया है।

इस दौरान 150 टन मुनगा की पत्तियां और उसके उत्पाद और 50 टन तुलसी मार्च 2021 तक भेजा गया है। इससे पहले तक 40 टन मुनगा की पत्तियां और उसके उत्पाद और 20 टन तुलसी भेजी जा रही थी। अभी तुलसी का काढ़ा, तुलसी की चाय, तुलसी का अर्क निकालकर भेज रहे हैं। मुनगे का पाउडर, कैप्शूल, टेबलेट, एनर्जीवार बनाकर बाहर भेज रहे हैं। मुनगे की भी चाय बना रहे हैं। तुलसी और मुनगे के पत्तियां भी भेज रहे हैं।

ऐसे की थी शुरूआत

मुनगे और तुलसी की खेती की शुरुआत चार साल पहले रायपुर के अवंति विहार निवासी किसान रजनीश अवस्थी और कृषि विशेषज्ञ और किसान डॉ. संकेत ठाकुर ने की थी। दोनों ने तिल्दा के गांव बिनेका में करीब 30 एकड़ की किराए की जमीन पर खेती शुरू की। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से संपर्क करके इसका बाजार तैयार किया गया और इंदिरा गांधी कृषि विवि के वैज्ञानिकों की मदद से दूसरे किसानों को प्रशिक्षित करके जोड़ा गया।

रजनीश ने एग्रीकान नामक समिति बनाई है, इससे चार सौ किसान जुड़े हैं। एक-एक के बाद किसान जुड़ते गए और कारवां बनता गया। एक एकड़ में किसान अकेले 1200 से 1500 किलो मुनगे की पत्ती का उत्पादन करते हैं। 70 से 80 रुपये प्रति किलो की दर से रायपुर के एग्रीकान समिति के सदस्य खरीदते हैं और तुलसी समेत किसान प्रति एकड़ एक से डेढ़ लाख रुपये तक कमाई कर रहा है।

इसलिए अभी बढ़ी मांग

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञानी डॉ. गजेंद्र चंद्राकर कहते हैं कि मुनगे (सहजन) के पेड़ की जड़, छाल, पत्ती, फूल और फल, बीज तक औषधीय गुण से भरपूर होते हैं। इसमें कैंसर रोधी तत्व, कैल्शियम और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। 100 ग्राम मुनगा की पत्तियों में पांच ग्लास दूध के बराबर कैल्शियम होता है। वहीं तुलसी में एंटीआक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

अब कोंडागांव के किसानों को जोड़ने की तैयारी

कोंडागांव के कलेक्टर पुष्पेंद्र सिंह मीणा के साथ एग्रीकान समिति सदस्यों के बीच समझौता हुआ है। यहां 200 किसानों से मुनगा और 200 किसानों से तुलसी की खेती के उत्पाद खरीदने के लिए एग्रीकान समिति ने हामी भरी है। यहां के किसानों को पहले खेती के लिए प्रशिक्षित करेंगे।

यह कहते हैं किसान

रायपुर से लगे नवागांव किसान सुधांशु बताते हैं मुनगे की फसल में पिछले दो साल से बेहतर मुनाफा हुआ है। तिल्दा में तुलसी की खेती कर रहे जंग बहादुर बताते हैं परती भूमि में तुलसी की खेती की। प्रति एकड़ लगभग 40 हजार रुपये अकेले तुलसी में कमाई हुई है। खराेरा के किसान संजय झा कहते हैं तुलसी की मांग बढ़ रही है ऐसे में इस साल 10 एकड़ में तुलसी लगाएंगे।