महिलाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाए जाना ही महिला दिवस की सार्थकता होगी- विकास उपाध्याय

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रायपुर। संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई देते हुए याद दिलाया कि इसका आयोजन एक श्रम आंदोलन से हुआ था। जिसे संयुक्त राष्ट्र ने सालाना आयोजन के तौर पर स्वीकृति दी तब न्यूयाॅर्क शहर में 15000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने बेहतर वेतन और मताधिकार की मांग को लेकर आवाज उठाई थी। हालांकि इसकी शुरूआत 1975 में तब हुई जब संयुक्त राष्ट्र ने इस आयोजन को मनाना शुरू किया और 1996 में पहली बार इसके आयोजन में एक थीम रखा गया- ‘‘अतीत का जश्न मनाओ, भविष्य की योजना बनाओ’’ और आज इतने सालों बाद हम जिस थीम को लेकर इस साल यह अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं, वह है #ChooseToChallange# यह थीम इस विचार से चुना गया है कि बदलती हुई दुनिया एक चुनौती पूर्ण दुनिया है और व्यक्तिगत तौर पर हम सब अपने विचार और कार्य के लिए जिम्मेदार हैं। शेष पढ़ें विज्ञापन के बाद….

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विकास उपाध्याय ने महिला दिवस पर श्रम से जुड़े उन देश के करोड़ों महिलाओं को याद कर उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण में एक मिसाल बताया है। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरूआत ही श्रम आंदोलन से शुरूआत हुआ था। आज तब से लेकर पूरे भारत वर्ष में जिस तरह का परिवर्तन महिलाओं के आत्मनिर्भर हो या फिर शीर्ष पदों पर हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता इस बात को दर्शाती है कि भारत उन्नति की ओर अग्रसर है, जिसमें महिलाओं की अहम भूमिका सम्मिलित है। विकास उपाध्याय ने कहा, बैंगनी, हरा और सफेद ये तीनों अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रंग हैं। बैंगनी रंग न्याय और गरिमा का सूचक है, हरा रंग उम्मीद का रंग है और सफेद रंग शुद्धता का सूचक और ये तीनों रंग 1908 में ब्रिटेन की डब्ल्यूएसपीयू ने तय किए थे और आज इसी के अनुरूप महिलाओं के जीवन को मूर्तरूप देने की आवश्यकता है। विधायक विकास उपाध्याय की अनुपस्थिति में उनके निवास पर आज महिला दिवस के उपलक्ष्य में निचले तक्के के उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जो रोज रोजी-रोटी की तलाश में मेहनत कर श्रम करते हैं।

विकास उपाध्याय ने कहा, आज महिला दिवस को मनाये जाने की आवश्यकता इसलिए है कि महिला अधिकारों को और भी सजग एवं मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, महिला आंदोलन की स्थिति पिछले कुछ सालों से लगातार बेहतर हुई है एवं लगातार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाएँ नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। जो कानून महिलाओं के विरूद्ध था, जैसा कि उत्तरी आयरलैण्ड में गर्भपात को गैर कानूनी करार दिया गया। लगातार यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। इससे साफ जाहिर है और अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह के मामलों में कई हाई प्रोफाइल लोगों को सजा भी मिली है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के परिपेक्ष्य में कहा, कांग्रेस की सरकार महिला श्रम व उनके आर्थिक उत्थान को लेकर लगातार कार्य कर रही है और निश्चित तौर पर यह महिला दिवस छत्तीसगढ़ के महिलाओं के लिए और भी सौगात लेकर आएगी। विधायक विकास उपाध्याय की अनुपस्थिति में उनके निवास पर आज महिला दिवस के उपलक्ष्य में निचले तक्के के उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जो रोज रोजी-रोटी की तलाश में मेहनत कर श्रम करते हैं।