Lock Down Effect : पोल्ट्री कारोबार पर लॉकडाउन का असर, करोड़ों का स्टाक जाम

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रायपुर । कोरोना संक्रमण के चलते हुए लाकडाउन की वजह से पोल्ट्री कारोबार पूरी तरह से लाक हो गया है। कारोबारियों की माने तो माह भर में करीब पांच करोड़ से अधिक का अंडे का स्टाक जाम हो गया है। दुकानें न खुलने की वजह से इन्हें फेकनें की हालत हो गई है। कीमतों में गिरावट के बाद भी इन दिनों इनकी बिक्री नहीं के बराबर है।

जानकारी के अनुसार माहभर पहले अंडा थोक में 435 रुपये और चिल्हर में छह रुपये प्रति पीस तक बिक रहा था। आज अंडा थोक में 390 रुपये और चिल्हर में पांच रुपये प्रति पीस हो गया है।इस प्रकार थोक में अंडा 45 पैसा व चिल्हर में पचास पैसे सस्ता हुआ है। इसी प्रकार लाकडाउन के पहले 95 रुपये में बिकने वाली मुर्गी इन दिनों 70 से 75 रुपये हो गई है।

कीमतें गिरने के बाद भी इनकी बिक्री नहीं हो पा रही है। पोल्ट्री कारोबारियों का कहना है कि अगर इन्हें दुकानें खोलने की अनुमति नहीं मिली तो कारोबार पूरी तरह से ठप हो जाएगा। इस साल जनवरी में वैसे ही बर्ड फ्लू की आशंका के चलते भी पोल्ट्री कारोबार को झटका लगा है। इसके साथ ही बीते साल कोरोना प्रभाव के चलते भी कारोबार काफी ज्यादा प्रभावित हुआ था।

पोल्ट्री कारोबारियों का दावा है कि चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य के लिए अंडा लाभदायक है। विशेषकर अभी कोरोना के दौरान तो अंडा और भी पौष्टिक होता है। अब दुकानें खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।

चिकन की रोज की 500 टन खपत भी बंद

पोल्ट्री कारोबारियों की मानें तो लाकडाउन के पहले रोजाना चिकन की 500 टन खपत होती थी,जो अब लाकडाउन की वजह से पूरी तरह बंद हो गई है। इसी तरह अंडों का भी स्टाक जाम हो गया है। बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोरेज में करीब 10 करोड़ से ज्यादा अंडे जाम हो गए हैं। ज्यादा दिन होने पर अंडे सुखने भी लगते हैं।