कैट के भारत बंद को छ.ग. कांग्रेस का मिला साथ, मरकाम ने जिला और ब्लॉक में समर्थन देने के दिए निर्देश

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रायपुर। जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने की मांग को लेकर व्यापारियों के शीर्ष संगठन द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 26 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है. इस भारत बंद को छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी समर्थन किया है. राजधानी रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने समर्थन करने की घोषणा की है. इसके साथ ही सभी जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को व्यापारियों के बंद के आव्हान को समर्थन देने के निर्देश दिए हैं.

कांग्रेस का समर्थन, चेंबर का नहीं

दूसरी ओर छत्तीसगढ़ कैट ने चैंम्बर ऑफ कामर्स से भी भारत बंद पर सहयोग मांगा था, लेकिन चेंबर ऑफ कॉमर्स ने व्यापार बंद का समर्थन करने से इंकार कर दिया है.

ऐसे में शुक्रवार को जब मोहन मरकाम के आदेश पर कांग्रेस कार्यकर्ता दुकान बंद कराने सड़कों पर निकलेंगे, तो उन्हें व्यापारियों समर्थन मिलता है या नहीं यह देखने वाली बात होगी. क्योंकि चैंबर ऑफ कामर्स ने कैट के भारत बंद का समर्थन नहीं किया है. इसलिए पंडरी मार्केट खुला रहेगा.

जबरिया बंद कराने का आरोप

व्यापारी एकता पैनल ने आरोप लगाया है कि आज संध्या 4 से 6 के बीच जय व्यापार पैनल के प्रत्याशी व्यापारी वर्ग के बाहर के लोगों को साथ में लेकर पंडरी कपड़ा बाजार में 25-30 की संख्या में पहुंच गए. वहां व्यापारियों से जीएसटी के बंद का समर्थन करने के लिए डरा धमकाकर दस्तखत लिया है. इस तरह का व्यवहार पिछले 56 वर्षों में व्यापारी एकता पैनल ने नहीं देखा. बंद रखना और नहीं रखना व्यापारी का अपना निर्णय है. इसमें जोर-जबर्दस्ती की व्यापारी एकता पैनल भत्सर्ना और कड़ा विरोध करता है.

खुला रहेगा पंडरी मार्केट

टेक्सटाइल मार्केट के अध्यक्ष वर्धमान सुराना ने कहा कि ऐसा होना व्यवहारिकता के अनुकूल नहीं है. टेक्सटाइल्स मार्केट इस जबरिया बंद का विरोध करता है. पंडरी कपड़ा मार्केट अध्यक्ष चंदर विधानी ने कहा कि ऐसी परम्परा छग में आज से पूर्व कभी नहीं रही. यहां का व्यापारी शांतिप्रिय रहा है. उसने कभी ऐसा होते नहीं देखा है. इसलिए पंडरी कपड़ा बाजार के सभी व्यवसायी व्यापार चालू रखेंगे. इस तरह के संगठन छग की परम्परागत शांति व्यवस्था को भंग करना चाहते हैं, जिसका हम विरोध करते हैं. हमारी परम्परा रही है. छग चेम्बर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर बंद करते रहे हैं. अन्य किसी संस्था के कहने से हम व्यापार बंद नहीं करेंगे.