दूसरे चरण में पीएम मोदी, सीएम और सांसदों को लगेगी कोरोना वैक्सीन

0
151

नई दिल्‍ली। देश में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि पहले चरण में सिर्फ हेल्‍थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वारियर्स को वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसके साथ ही अब दूसरे चरण में पीएम मोदी और सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री और सभी सांसदों को कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण किया जाएगा।

दूसरे चरण से पहले मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि घबराने की और हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि दूसरे फेज में आप सभी को वैक्सीनेशन करा दिया जाएगा, जो भी 50 साल के ऊपर होंगे। ऐसे में सभी सांसद, विधायक और मंत्री जो 50 साल के ऊपर है, उनको दूसरे चरण में कोरोना का वैक्सीन दी जाएगी।

देश में दो टीके – सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशिल्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन- को मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार ने पहले की कहा है कि दूसरे चरण में 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका दिया जाएगा। हालांकि देश में जिस गति से वैक्‍सीन लग रही है, उसके अनुसार दूसरे चरण का टीकाकरण मार्च या अप्रैल में ही शुरू हो पाएगा।

हरियाणा, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कथित तौर पर सुझाव दिया था कि विधायकों, सांसदों और अन्य जन प्रतिनिधियों को फ्रंटलाइन कार्यकर्ता माना जाना चाहिए और कोरोना का टीका लगाया जाना चाहिए।

हालांकि, टीकाकरण के लिए किसी भी नेता को जल्‍दबाजी दिखाने के लिए पीएम ने सख्त चेतावनी दी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मार्च या अप्रैल तक पीएम की बारी आने की संभावना है। यह पूछे जाने पर कि क्या पीएम किसी विशेष वैक्सीन का विकल्प चुनेंगे, अधिकारी ने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्‍होंने कहा, “कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।”

नीती आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) और कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉक्‍टर विनोद पॉल ने कहा कि दूसरा चरण महत्वपूर्ण था। चरण 2 में हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन श्रमिकों के बाद हमारा वास्तविक फोकस है। ये ऐसे लोग हैं, जो 50 से ऊपर हैं और सभी राजनीतिक कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे।

वर्तमान में लगभग एक करोड़ लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन दी जा रही है। अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को संभवत: एक सप्ताह के समय में वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। डॉ पॉल के अनुसार, ऐसा नहीं है कि हर डॉक्टर या नर्स को अगले चरण की शुरुआत के लिए टीका लगाना पड़ेगा।’

डॉक्‍टर पॉल ने कहा, “हम वैक्सीन के बारे में झिझक को दूर करने के लिए वैक्सीन लेने वाले प्रमुख डॉक्टरों के ‘रोल मॉडल’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको यह भी याद रखना चाहिए कि छह लाख टीके पहले ही दिए जा चुके हैं और इसलिए वे हमारे रोल मॉडल हैं।”