अमित शाह में साहस है तो एनआरसी और सीएए की बात असम की जनता के बीच उठा कर बताएं : विकास उपाध्याय

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रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं असम प्रदेश के प्रभारी विकास उपाध्याय आज दिल्ली से रायपुर पहुँचने के बाद एयरपोर्ट में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए सीधे गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला और कहा कि वे बाहूबलि छवि के दम पर आसन्न विधानसभा चुनाव में असम सहित अन्य प्रदेश पर सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं, जो कभी सफल नहीं होने वाला। उन्होंने अमित शाह से सवाल किया कि असम में घूसपैठियों पर अनुच्छेद 370, बोडो शांति समझौता, राम मंदिर पर तो वे बोल रहे हैं, पर एनआरसी और सीएए पर बोलने से डर क्यों रहे हैं।उन्हें इस मुद्दे पर अपने पार्टी का रुख स्पष्ट करना चाहिये। शेष पढ़ें विज्ञापन के बाद….

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कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय कल असम से दिल्ली पहुँचने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चुनावी बैठक में सम्मिलित हुए और आज सुबह रायपुर पहुंचने के पश्चात् माना एयरपोर्ट में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए विकास ने कहा कि मोदी सरकार की बजट में मुख्य रूप से आगामी विधानसभा चुनाव का झलक दिखावा मात्र है। वह चुनावी राज्यों में सड़क निर्माण की घोषणा कर मतदाताओं को दिग्भ्रमित कर रही है, तो बजट में चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रस्ताव ला कर एक बार फिर से उनके साथ छलावा कर रही है।विकास उपाध्याय ने याद दिलाया 05 वर्ष पूर्व इसी तरह के प्रस्ताव में असम की भाजपा सरकार ने वहाँ के श्रमिकों के लिए कुछ नहीं किया। यहाँ तक कि चाय बागान के श्रमिकों के अवेजी बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद भी 05 वर्ष में इस छोटी सी घोषणा को भी वह पूरा नहीं कर सकी। विकास उपाध्याय ने अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, वे स्वयं को बाहूबलि छवि दिखा कर आसन्न चुनाव में जीत हासिल करने का सपना देख रहे हैं।

विकास उपाध्याय ने तंज कसते हुए कहा, ये वही अमित शाह हैं जो पहले ये कहते नहीं थकते थे, कि दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है जहाँ कोई भी जाकर बस सकता है। देश के नागरिकों का रजिस्टर होना, यह समय की जरूरत है। हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र में देश की जनता को वादा किया है, न केवल असम बल्कि देश भर के अन्दर हम एनआरसी लेकर आयेंगे। एनआरसी के अलावा देश में जो भी लोग हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत बाहर किया जाएगा। लेकिन चुनाव से पहले असम में जाकर न तो उन्हें अपना घोषणा पत्र याद रहा और न ही अपना पुराना बयान। उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी की अब संस्कृति बन चुकी है कि वह वोट हासिल करने तात्कालिक झूठा बयानबाजी के बलबूते सत्ता हथियाने की सोचती है, परन्तु अब देश में मोदी शासन काल के घटित घटनाएं उन्हें सफलता से कोसों दूर कर दिया है।

विकास उपाध्याय ने आगे कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे में कहा था कि कोविड-19 की वजह से नागरिकता संशोधन कानून के नियमों को तैयार करने में देरी हो रही है, लेकिन जैसे ही देश में वैक्सीन का काम शुरू होगा उसके बाद सीएए के नियमों को लागू करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा और जब देश में अब वैक्सीन का काम ही नहीं, बल्कि लाखों लोगों को वैक्सीन लगाया भी जा चूका है तो फिर अमित शाह इस पर देरी क्यों कर रहे हैं। क्या उन्हें इस मुद्दे से डर लगने लगा है कि वे इसके चलते असम और पश्चिम बंगाल के साथ ही अन्य राज्यों के चुनाव हार जाएंगे। विकास उपाध्याय ने कहा, किसानों से लेकर अन्य मुद्दों में मोदी सरकार का नजरिया देख आसन्न चुनाव में इन राज्यों के मतदाता भारतीय जनता पार्टी को पूरी तरह से नकार चुकी है। विकास ने जोर देकर कहा,कांग्रेस आज संगठनात्मक ढांचे से लेकर नेतृत्व क्षमता में भी पूरी तरह मजबूत की स्थिति में है और आम जनता कांग्रेस के साथ खड़ी है।