हाट बाजार क्लीनिक ग्रामीणों के लिए बनी संजीवनी

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रायपुर – छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों के लिए हाट बाजार क्लीनिक संजीवनी साबित हुए हैं। गांव में स्वस्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हाट बाजार क्लीनिक बाजार के दिन लगाए जा रहे हैं। हाट बाजार में मेडिकल टीम पहुंचकर जरूरतमंद लोगों का इलाज कर रही है। मरीजों की जरूरी जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं और आवश्यकतानुसार चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है।

कोरबा जिले के तरदा गांव के हाट बाजार में नजदीक के गांव से 12 वर्षीय दर्शन अपने दादाजी के साथ अपने गांव के नजदीक साप्ताहिक बाजार करने ग्राम तरदा पहुंचा था। अपने दादाजी के साथ बालक दर्शन हंसी-खुशी से सामान की खरीददारी कर रहा था। शाम को साढ़े चार बजे बालक दर्शन को अचानक चक्कर आया। चक्कर आने के कारण दर्शन लड़खड़ाते हुए गिर पड़ा। दर्शन को गिरते देख दर्शन के दादाजी तत्काल बालक को अपनी गोद में उठाकर बाजार में संचालित हो रहे मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक की तरफ भागे।

हाट बाजार क्लीनिक में मौजूद ग्रामीण चिकित्सा सहायक डॉक्टर पूर्णानंद सोनी और नर्स ने बच्चे की हालत को देखकर तत्काल पास के रखे टेबल में लिटाया। डॉक्टर ने तुरंत बालक दर्शन की आंख, मुंह, नाड़ी की जांच की। डॉक्टर के जांच करने के दौरान ही नर्स ने ओ. आर. एस. घोल तैयार कर ले आयी। बालक को तुरंत ही शरीर में पानी की कमी दूर करने ओ. आर. एस. घोल पिलाया गया। ओ. आर. एस. घोल पीते ही बालक के शरीर में ताकत आई और वह अपने बल पर बैठ गया।

इलाज के दौरान डॉक्टर ने पाया कि दर्शन के शरीर में खून की बहुत कमी है। डॉक्टर ने खून की भारी कमी के कारण दर्शन को चक्कर आने की बात कही। डॉ. ने दर्शन को एनीमिया ग्रस्त होने के कारण फोलिक एसिड की गोली भी दी। डॉक्टर ने दर्शन के दादाजी को ओ. आर. एस. का पैकेट दिया और नियमित अंतराल में दर्शन को पिलाने की सलाह भी दी। बालक को अपने बल पर बैठे देख दादाजी के चेहरे पर संतुष्टि और मुस्कान आई और उन्होंने इलाज के लिए डॉक्टर एवं नर्स का हृदय से आभार जताया। दर्शन के दादाजी ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक संचालित करने के लिए शासन का धन्यवाद भी किया।