कृषक प्रकाश तारक आत्महत्या मामला: जांच टीम ने पाया फसल क्षति कर्ज और भुखमरी का आत्महत्या से नहीं है संबंध

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रायपुर।रायपुर जिले के अभनपुर तहसील के ग्राम तोरला के कृषक प्रकाश तारक के आत्महत्या के संबंध में कलेक्टर रायपुर की ओर से  अधिकारियों की गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। टीम ने अपने जांच प्रतिवेदन में इस बात का उल्लेख किया है कि कृषक प्रकाश तारक की आत्महत्या का फसल क्षति, कर्ज और भूखमरी से कोई संबंध नहीं है। मृतक ने मानसिक अवसाद के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या की है। अनुविभागीय दंडाधिकारी अभनपुर, तहसीलदार और नायब तहसीलदार अभनपुर ने अपने संयुक्त जांच प्रतिवेदन में इस बात का उल्लेख किया है। फसल बर्बाद होने से निराश किसान प्रकाश तारक की ओर से आत्महत्या किए जाने की खबरों को जांच टीम ने बेबुनियाद बताया है।

कृषक प्रकाश तारक आत्महत्या मामले की कलेक्टर रायपुर ने एसडीएम अभनपुर के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित कर इसकी जांच कराई है। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्राम तोरला पहुंचकर मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बयान लिए और मृतक की परिवारिक स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्राम तोरला में ग्रामवासियों, हल्का पटवारी, जन प्रतिनिधियों और मृतक परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में जांच कर पंचनामा तैयार किया।

अनुविभागीय दंडाधिकारी अभनपुर और अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अपने जांच प्रतिवेदन में मृतक की पत्नी दुलारी बाई के शपथपूर्वक कथन में बताई गई बातों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि मृतक को कोई परेशानी नहीं थी, न ही उस पर कोई कर्ज था, न ही किसी के ओर से उसको परेशान या धमकाया जा रहा था। खेत में लगी फसल की स्थिति सामान्य है। मृतक फसल की कटाई करने के लिए खेत गया हुआ था। मृतक की पत्नी ने अपने बयान में यह भी कहा है कि उसके पति बीते कुछ दिनों से गुमशुम रहा करते थे। तोरला गांव के सरपंच और सचिव ने अपने प्रतिवेदन में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि मृतक की बीते तीन-चार महीनों से मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह गुमशुम रहता था। किसी से कोई बात-चीत नहीं करता था। पूछने पर दवाई लेता हूं, यह कहता था। मृतक के परिवार को शासकीय उचित मूल्य दुकान से नियमित रूप से चावल प्रदाय किया जाता रहा है। परिवार में भूखमरी की कोई नौबत नहीं है। हल्का पटवारी ने अपने रिपोर्ट में मृतक प्रकाश तारक के फसल की स्थिति को सामान्य बताया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में तैयार किए गए पंचनामा के आधार पर जांच अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मृतक पर कोई कर्ज न होने, उसके परिवार को नियमित रूप से पीडीएस का राशन मिलने, उसके गुमसुम तथा अवसाद से ग्रसित होने का उल्लेख किया है।  समिति के माध्यम से पिछले खरीफ धान विक्रय के दौरान मृतक के  सम्मिलात खाते में 105 क्विटल धान बेचा था। इसके एवज में 1 लाख 83 हजार की राशि मिली थी। और धान बोनस के रूप में तीन किश्तों में अब तक 54 हजार श्रुपए की राशि मिल चुकी है। पुलिस थाना गोबरा नवापारा में इस संबंध में मर्ग दर्ज कर मृत्यु के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।