फिल्म नायक की तर्ज पर डीजीपी ने ऑन द स्पॉट निपटाई पुलिसकर्मियों की समस्याएं

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रायपुर । फिल्म नायक में अनिल कपूर की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के डीजीपी डीएम अवस्थी ने भी पुलिसकर्मियों और उनके स्वजनों की समस्याओं को न सिर्फ सुनने, बल्कि उसका आन द स्पाट निराकरण का अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को 30 पुलिस परिवार के सदस्यों की व्यथा सुनी। इसमें तबादले से लेकर स्वास्थ्य की समस्याओं पर स्वजनों ने डीजीपी का ध्यान आकृष्ट किया। डीजीपी ने वाजिब मामलों पर तत्काल निर्णय लिया, वहीं गलत जानकारी देकर तबादला की गुहार लगाने वाले पुलिसकर्मियों को फटकार लगाने से भी नहीं चूके।

स्पंदन कार्यक्रम

दोपहर साढ़े 12 बजे पुलिस मुख्यालय में स्पंदन कार्यक्रम की टीम पूरी तैयारी के साथ मौजूद थी।डीजीपी डीएम अवस्थी कांफ्रेंस हाल में पहुंचे और सीधे वीडियो काल शुरू हुआ। सबसे पहले ज्योति ने बताया कि वह जबलपुर में बच्चों और सास-ससुर के साथ रहती है। शादी को 19 वर्ष हो गए, लेकिन मेरे पति परिवार के भरण-पोषण में कोई ध्यान नहीं देते हैं। आर्थिक जरूरतों के लिए पैसे भी नहीं भेजते हैं। डीजीपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बटालियन के अधिकारी से बात की और संबंधित पुलिसकर्मी को सोमवार को पेश होने का निर्देश दिया। उन्होंने पीड़ित महिला को आश्वासन दिया कि उनके पति को मिलने वाले वेतन में से कुछ हिस्सा उनको दिलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के आरक्षक शिवशंकर धुरिया ने कहा कि मुझे एसटीएफ से बटालियन भेज दिया गया है, मैं वापस एसटीएफ में अपनी सेवा देना चाहता हूं। डीजीपी ने एसपी एसटीएफ बघेरा को फोन कर एसटीएफ में पदस्थ करने के निर्देश दिये।

सोमवार को स्थानांतरण बोर्ड की बैठक में हो जाएगा तबादला

विभा मेश्राम ने कहा कि उनके पति पिछले 15 वर्षों से बस्तर के विभिन्न स्थानों पर पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण बालोद कर दिया जाए कटघोरा निवासी छसबल के आरक्षक नरेंद्र कुमार ने कहा कि मेरे भाई का देहांत हो चुका है और उनके बच्चों एवं मेरे माता पिता की देखभाल मेरे ही जिम्मे है। मेरा स्थानांतरण 9वीं बटालियन दंतेवाड़ा से 13वीं बटालियन बांगो कोरबा कर दिया जाये। इनके तबादले का निर्णय सोमवार को स्थानांतरण बोर्ड की बैठक में हो जाएगा।

दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में तत्काल तबादला

फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश से आरक्षक बिकेश कुमार ने कहा कि उनके पिता का किडनी का इलाज चल रहा है। उन्हें दिल्ली लेकर जाना पड़ता है, मेरा स्थानांतरण छत्तीगसढ़ सुरक्षा कंपनी छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली कर दिया जाए, जिससे मैं पिताजी का इलाज बेहतर करा सकूं। डीजीपी ने तत्काल स्थानांतरण आदेश जारी करने के निर्देश दे दिए।

जब आरक्षक के बेटे ने दादी को कांफ्रेंस से जोड़कर कराई बात

आरक्षक वेदप्रकाश रत्नाकर की वृद्घ मां ने कहा कि मैं हमेशा बीमार रहती हूं। अभी मेरी आंख का आपरेशन भी हुआ है। मेरे बेटे का स्थानांतरण राजनांदगांव से महासमुंद कर दिया जाए। दरअसल, वेदप्रकाश के बेटे ने डीजीपी के सामने परिवार के समस्या को रखा और कहा कि वह अपनी दादी से बात कराना चाहता है। दादी रायपुर में इलाज के लिए आई थी। बेटे ने वीडियो काल में दादी को जोड़ा, तो डीजीपी ने कहा कि पुलिस परिवार के बच्चे भी तकनीक के इस्तेमाल में पीछे नहीं हैं।

इन पुलिसकर्मियों की समस्याओं का निराकरण

  • कोटा में पदस्थ महिला आरक्षक पांचो बाई मार्बल ने कहा कि उनके पति धमतरी में पदस्थ हैं, उनका स्थानांतरण बिलासपुर जिला में कर दिया जाए। वे शादी के बाद से ही अलग रह रहे हैं। डीजीपी ने तत्काल पति-पत्नी को एक ही साथ बिलासपुर पदस्थ करने आदेश जारी कर दिया।
  • देवरिया उत्तर प्रदेश से आरक्षक मुरलीधर नायक ने कहा कि मैं बलौदाबाजार में पदस्थ हूं, मेरा स्थानांतरण सूरजपुर कर दिया जाए, जिससे मुझे देवरिया आने-जाने में आसानी हो सके। नायक ने अपनी मां और बहन से भी डीजीपी की बात कराई।