छत्तीसगढ़ में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष डीजी ने ली पुलिस अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक

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रायपुर। विशेष डीजी आर.के. विज ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और अधिकारियों की यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को लेकर वर्चुअल समीक्षा बैठक ली. अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने ओव्हरलोडिंग पर परिवहन, पुलिस और अन्य विभागों से आपसी समन्वय से प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया. ड्राइविंग लायसेंस निलंबन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिये गए. आर.के.विज ने सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता के लिए ‘स्वंय सेवी संस्थान’ के चयन, गंभीर सड़क दुर्घटना का संयुक्त निरीक्षण, सड़क में बेतरतीब खड़े वाहनों से होने वाले दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट/ग्रे स्पॉट में सुधारात्मक उपाय के लिए संबंधित विभागो से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये गए. ग्रे/ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए संबधित विभाग द्वारा सकारात्मक पहल नही होने पर राज्य/केन्द्र शासन को पत्र लेख करने निर्देशित किया गया।

जिला रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, मुंगेली, दन्तेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर में गतवर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटना के मृत्युदर में वृद्धि हुई है. गतवर्ष राज्य में 350 दुर्घटना स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया गया, स्पीड राडार गन से 5052 मोटरयान अधिनियम के तहत और एल्कोमीटर से 1337 प्रकरणों में मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया है. स्पीडराडार गन से कम कार्यवाही किये जाने पर जिला बलौदाबाजार, बेमेतरा, गरियाबंद, कबीरधाम, बलरामपुर से अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्यवाही में वृद्धि के लिए निर्देशित किया गया है. वर्ष 2020 में 2803 ड्रायविंग लायसेंस निलंबन की कार्यवाही की गई है.

वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत चालानी कार्यवाही अधिक की गई. ओव्हर लोंडिग, नशे में वाहन चालन, वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का उपयोग, नाबालिक वाहन चालक, राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्गो में अवैध पार्किग में कार्यवाही कम किये जाने के कारण जिले के पुलिस अधीक्षकों को कार्यवाही बढ़ाने हेतु निर्देश दिये गये है. आर.के.विज ने राज्य में तेजगति से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के आलोक में स्पीड राडार गन, ब्रीथएनालाईजर सहित अन्य सड़क सुरक्षा उपकरणों के प्रभावी उपयोग से सड़क दुर्घटना के नियंत्रण में विशेष प्रयास के लिए निर्देश दिए.

जिला बेमेतरा, गरियाबंद, बलरामपुर, बलौदाबाजार सहित अन्य जिलों में ओव्हरस्पीड सहित अन्य प्रवर्तन कार्यवाही न्यून होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए नियमित प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए. ड्रायविंग लायसेंस निलंबन, यातायात नियमों के उल्लंघन, स्पीड राडारगन एवं एल्कोमीटर के माध्यम से जॉच, गंभीर सड़क दुर्घटनाजन्य क्षेत्र /स्थलों का पुलिस, परिवहन एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त निरीक्षण, जिला सड़क सुरक्षा समिति की समय पर आयोजित करने एवं समिति द्वारा ली गई निर्णय का क्रियान्वयन करने के लिए निर्देशित किया गया.

उल्लेखनीय है कि गतवर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में सड़क दुर्घटना में लगभग 18 प्रतिशत, मृत्यु में 9 प्रतिशत एवं घायलों में 20 प्रतिशत की कमी परिलक्षित हुई है. इस वर्ष 2021 में समस्त जिलों को विशेष प्रयास कर सड़क दुर्घटना में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी किये जाने का लक्ष्य निर्धारण करते हुए यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा पर प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही किये जाने के लिए निर्देशित किया गया है.