नगरनार प्लांट का निजीकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है : धनंजय सिंह परिहार

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रायपुर । छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय सिंह परिहार ने पत्रकार वार्ता ली । इस दौरान नगरनार स्टील प्लांट बस्तर वासियों की उपेक्षा एवं पर्यावरण को लेकर दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया । परिहार ने कहा कि जमीन मेरे बस्तर की , लौह अयस्क मेरे बस्तर का और नौकरी मेरे बस्तरवासियों को ना देकर आप नौकरी के लिए बाहर से लोगों को लाएंगे । उसे हम कतई बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। यह भी कहा कि यह सारी संपदा खनिज सभी बस्तरवासियों का है । इस का उपयोग केवल बस्तर वासियों के लिए होना चाहिए।

NMDC से कुदरती खनिज हम मेहनत का निकालकर सरकार का खजाना भर रहे हैं लेकिन इसका मुख्यालय छत्तीसगढ़ में ना होकर हैदराबाद कैसे और किस भूमिका में गया ?

छत्तीसगढ़ में बस्तर की विशेष भूमिका

जय भवानी जय बस्तर, छत्तीसगढ़ प्रदेश में बस्तर की विशेष भूमिका है, वनाच्छादित प्राकृतिक संपदा से भरपूर भूमि है, आदिवासी सही मायने में भूमि पुत्र हैं।आजादी के बाद से आज तक जैसा विकास बस्तर और बस्तियों का होना चाहिए था बसा हुआ ही नहीं।

नगरनार स्टील प्लांट की नीव

केंद्र सरकार द्वारा बस्तर के निवासियों में एक आशा की किरण जगाई गई थी, कि जब यह संयंत्र काम करना प्रारंभ होगा सबसे बस्तरियों की बरसों की विकास की चाह और रोजगार की समस्या का निदान होगा। लेकिन बस्तर वासियों के हाथ निराशा लगी। यही लग रहा था कि आने वाले एक-दो वर्षों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा लेकिन यहीं से आशा का दीपक जैसा बुझने लगा क्योंकि सरकार ने इस संयंत्र को प्राइवेट हाथों में सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी थी। यही प्रतीत होता है कि यहां के विकास रोजगार पर उद्योगपति का अधिकार चलने लगेगा। मतलब है बस्तर का निवासी फिर से ठगा जाएगा फिर से उसके आशा की किरणों पर मिट्टी डाली जाएगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने की घोषणा

केंद्रीय राज्य मंत्री ने हाल फिलहाल में NMDC और नगरनार स्टील प्लांट के बीच डी मर्जर की घोषणा सामने आई । जिसके लिए स्टील मिनिस्ट्री ने टेंडर जारी कर दिए। बस्तर वासियों के पैरों से मानो ज़मीन खिसक गई।इस बात को लेकर तनाव में हैं कि अपनी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए स्वेच्छा से जमीन दे डाली थी किंतु अपनी पीढ़ी को बर्बाद होते देखकर ठेकेदारों के हाथों गुलाम होने के लिए स्वीकृति नहीं दी थी।

दिल्ली सरकार बस्तर वासियों को बेवकूफ बनाने का कर रही काम

छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय सिंह परिहार ने कहा किछत्तीसगढ़ी को बेवकूफ बनाने का काम किया है।जबकि सरकार संयंत्र को निजी हाथों में बेचती है तो उसका जोला बसर वासियों के बेरोजगार युवकों को मिलता स्थानीय व्यापारियों को अर्थव्यवस्था में सुधार आने से मिलता है निजी करण होने से सब समाप्त हो जाएगा और जिस तरह से अघोषित कंपनियां पर्यावरण को लेकर बस्तर में लगातार कीमती वृक्ष काटे जा रहे हैं नगरनार में जल्दबाजी पानी पाइप लाइन को बिछाने के चक्कर में बड़े उपवन जैसे नामचीन कीज कोटेवन को समाप्त ही कर दिया गया है। साथ ही यह भी कहा कि , केंद्र सरकार के जनविरोधी और बस्तर विरोधी फैसले से जब तक आजादी नहीं मिलती, तब तक शिवसेना एक लंबी लड़ाई लड़ती रहेगी।