कोरोना संक्रमण: प्रदेशभर की जेलों से 700 बंदी पेरोल और अंतरिम जमानत पर रिहा

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रायपुर । प्रदेशभर के जेलों में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामले को रोकने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रायपुर सेंट्रल जेल से दो सौ समेत प्रदेशभर के जेलों से करीब सात सौ बंदियों को पैरोल और अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया है। यह सिलसिला जारी है। अब तक रायपुर सेंट्रल जेल से 216, दुर्ग जेल से 131, अंबिकापुर जेल 12, बिलासपुर जेल से 70, जगदलपुर जेल से 10 और महासमुंद जिला जेल से 93 समेत कुल 33 जेलों से करीब सात सौ बंदियों की रिहाई की जा चुकी है। ये सभी बंदी 90 दिन यानि तीन महीने तक अपने स्वजनों के साथ सुरक्षित घर में रह सकेंगे।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों आदेश देते हुए कोरोना संक्रमण से जेल बंदियों को बचाने उन्हें पेरोल व अंतरिम जमानत पर छोड़ने का अंतिम फैसला लेने का अधिकार राज्य के हाई पावर कमेटी पर छोड़ दिया था। पिछले हफ्ते इस मामले में छत्तीसगढ़ के स्टेट लिगल ऑथारिटी कमेटी ने जेल अधीक्षकों को एक पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार बंदियों की रिहाई करने के आदेश दिए थे।

डीआईजी जेल केके गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई पावर कमेटी ने पिछले वर्ष कोरोना का लाभ देते हुए ऐसे 20 हजार बंदी, जिन्हे अधिकतम बीस साल की सजा हुई है या फिर हो सकती है। उन्हें पैरोल एवं अंतरिम जमानत पर रिहा करवाया था। उन सभी बंदियों को इस बार भी 90 दिन के लिए पैरोल एवं अंतरिम जमानत पर छोड़ा जा रहा है।

12 मई से अब तक प्रदेशभर पांच सेंट्रल जेल, जिला जेल, उपजेल कुल 33 जेलों से करीब सात सौ बंदियों को रिहा किया जा चुका है। यह सिलसिला जारी है। कोरोना से बचाव के लिए जेल में सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के साथ साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नए बंदियों को कोरोना टेस्ट में निगेटिव होने पर ही भीतर प्रवेश दिया जा रहा है।

तेजगति से वैक्सीनेशन

कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने जेल प्रशासन द्वारा पुरुष व महिला बंदियों के साथ जेल प्रहरियों, कर्मचारियों का लगातार टीकाकरण कराया जा रहा है। अब तक पांच सौ से अधिक का टीकाकरण किया जा चुका है।

साठ साल से अधिक उम्र वाले को भी लाभ

ऐसे बंदी, जो 60 वर्ष के अधिक उम्र के हैं और उनकी अधिकतम सजा 10 साल की हो सकती है। उन्हें भी पैरोल एवं अंतरिम जमानत का लाभ दिया जा रहा है। दंडित बंदियों को पैरोल (सामान्य एवं पश्चातवर्ती छुट्टी) पर छोड़े जाने के लिए प्रकरण तैयार कर जेल प्रशासन सक्षम प्राधिकारी की ओर भेजने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।