छत्तीसगढ़ महिला आयोग का 20 वां स्थापना दिवस,महिलाओं तक पहुंचेगा महतारी न्याय रथ

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रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज 24 मार्च को शास्त्री चौक स्थित आयोग कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए आयोग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर चर्चा की।

लॉकडाउन में पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने में छत्तीसगढ़ महिला आयोग पूरे देश में अव्वल

श्रीमती नायक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में राज्य महिला आयोग की स्थापना 24 मार्च 2001 को हुई थी। विगत 20 वर्षों से आयोग छत्तीसगढ़ में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिये निरंतर कार्यरत है। छत्तीसगढ़ में 2018 में नई सरकार के गठन के बाद से महिलाओं की समस्याओं के समाधान में काफी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि बतौर आयोग अध्यक्ष उनके संक्षिप्त कार्यकाल में लॉकडाउन में भी पीडि़त महिलाओं को न्याय दिलाने में महिला आयोग पूरे देश में अव्वल रहा है, इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की तारीफ की और सम्मानित भी किया।

55 जन-सुनवाई में 1068 प्रकरणों की सुनवाई और 346 मामलों का निराकरण

19 अगस्त 2020 से 17 मार्च 2021 तक प्रदेश के 25 जिलों में कुल 55 बार जन-सुनवाई हो चुकी है। इसमें अब तक 1068 मामलों की सुनवाई हो चुकी है जिनमें से 346 मामलों में अंतिम निराकरण किया जा चुका है। रायपुर जिले में कुल 21 जन-सुनवाई हो चुकी है जिसमें 409 प्रकरण में से 83 निराकृत हो चुके है। दुर्ग जिले में 4 जन-सुनवाई में 104 प्रकरण रखे गये थे और 47 निराकृत किये गये। बिलासपुर जिले में कुल 5 जन-सुनवाई में 106 मामले रखे गये थे जिसमें 40 मामले निराकृत हुये। इसके अतिरिक्त शेष 22 जिलों में एक-एक बार जन-सुनवाई हुई।

व्हाट्सएप कॉल सेंटर का गठन

8 मार्च 2021 को महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के समाधान के लिये एक नयी पहल की गई जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत करने की सुविधा देने के लिये व्हाट्सएप कॉल सेंटर का गठन किया गया, जिसका नम्बर 9098382225 है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किया गया। महिलाओं के विरूद्ध साइबर अपराध रोकने के लिये और डिजिटल अवेयरनेस की दिशा में भी काम किया जायेगा।

9100 वर्ग फुट की विशाल रंगोली के लिए गोल्डन वर्ल्ड ऑफ बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज

राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर विगत 17 दिसम्बर को आयोग द्वारा महिलाओं की ओर से विशाल रंगोली बनाकर बधाई दी गई थी। 9100 वर्ग फुट की विशाल रंगोली में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फोटो को ‘‘लार्जेस्ट ग्लू रंगोली पोर्टेट‘‘ कैटेगिरी में 12×11 वर्ग फीट का पोर्टेट बनाकर खड़ा किया गया था। आयोग के इस कार्यक्रम ने विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्डन वर्ल्ड ऑफ बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया जिसका प्रमाण पत्र भी महिला आयोग को प्राप्त हुआ है।

राज्य शासन के छः लाख रूपये प्रतिवर्ष किराए की बचत

महिला आयोग ने राज्य शासन के खर्च में कटौती करने के लिये अपने किराये के भवन से शासकीय भवन में महिला आयोग कार्यालय को स्थानांतरित किया जिसके माध्यम से महिलाओं की समस्या के लिये शहर के सहज और सुगम हृदय स्थल पर कार्यालय स्थानांतरित कर शासन के छः लाख रूपये प्रतिवर्ष का बचत किया। इस कार्यालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 1 मार्च को किया गया।

पुरूषों और महिलाओं के सामन्जस्य के साथ आगे बढ़ने की पहल

महिलाओं के प्रति समानता भरी सोच लाने की दिशा में नये थीम ष्डमद थ्वत वाॅउमदष् के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में पुरूषों और महिलाओं के तालमेल से आगे बढ़ने की रणनीति पर बात की गई। इस प्रकार आयोग द्वारा चर्चा के माध्यम से बेटा-बेटी में समानता लाने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की प्रत्येक महिला तक पहुंचेगा मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ

अप्रैल 2021 से चालू होने वाले वित्तीय वर्ष में महिला आयोग द्वारा कार्याें को विस्तार देते हुए प्रत्येक महिला तक पहुंच की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए जिलों में ‘‘मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ‘‘ निकाला जायेगा। महतारी न्याय रथ के माध्यम से महिलाओं की हर तरह की समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, साथ ही महिलाओं की समस्याओं, कानूनी अधिकारों से संबंधित विषयों पर वीडियो, ऑडियो क्लीपिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार किये जाने की योजना है। महिला अधिवक्ताओं को इम्पैनल किया जायेगा जो कि हर जिलों में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिये उन्हें आयोग द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर और अन्य स्टाफ, नवा बिहान के संरक्षण अधिकारीगणों को कानूनी जानकारी के लिये और महिलाओं के समस्याओं के समाधान के त्वरित जांच के लिये भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।

महिलाओं और बालिकाओं को सीखाए जाएंगे आत्मरक्षा के गुर

महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा में प्रशिक्षित करने की दिशा में भी आयोग एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर रही है, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आंगनबाड़ी, मितानिन, स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों, कामकाजी महिलाओं और घरेलू महिलाओं के समूहों को भी स्वयं की आत्मरक्षा हेतु पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस तरह महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा कर उन्हें कानूनी जानकारियों और आत्मरक्षा दोनों ही क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जायेगा।

कार्यालयों में लैंगिक उत्पीड़न रोकने आंतरिक परिवाद समिति के गठन पर कड़ाई

छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी संस्थान एवं उद्योगों में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न को रोके जाने बाबत् आंतरिक परिवाद समिति का कड़ाई से लागू किया जायेगा और महिलाओं के मामले पुलिस थाने में दर्ज किये जाने बाबत् महिला पुलिस डेस्क की अनिवार्यता की दिशा में भी प्रयास किया जायेगा। विभिन्न जिलों में कार्यरत महिला संगठनों को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जायेगा ताकि हर वर्ग, हर समाज की महिलाओं को जोड़ा जा सकें और छत्तीसगढ़ को महिला प्रताड़ना से मुक्त करने की दिशा में कार्यवाही किया जायेगा।