छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ: मुसीबत में हैं यात्री बसों के संचालक व उनका परिवार

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अंबिकापुर । यात्री किराया बढ़ाए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल सिंह एवं संभागीय अध्यक्ष मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बताया कि 2018 अंतिम बार यात्री भाड़ा बढ़ाया गया था,तब डीजल की कीमत 60 रुपये थी,आज 98 प्रति लीटर है। डीजल और बसों के पार्ट्‌स की कीमतें बढ़ी है,ऐसे में पुराने यात्री भाड़े पर बसों का संचालन संभव नहीं है। पिछले डेढ़ साल से घाटे में व्यवसाय कर रहे बस संचालक और बस व्यवसाय से जुड़े एक लाख से अधिक परिवार को भूखे मरने की स्थिति बन गई है। संघ ने यात्री किराया 40 फीसद बढ़ाने, किराया वृद्धि के संबंध में स्थाई नीति बनाने तथा बसों एवं परमिट के निष्प्रयोग के लिए दो महीने की सीमा समाप्त करने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्य पहले ही यात्री किराया बढ़ा चुके हैं। मांगे न माने जाने पर आगामी आठ जुलाई को प्रदेश भर में बस संचालक व व्यवसाय से जुड़े लोग परिवार सहित बसों की बारात निकालेंगे। 12 जुलाई को राजधानी रायपुर में महाधरना तथा 13 जुलाई से प्रदेश भर में अनिश्चितकाल के लिए बसें बंद कर दी जाएंगी। मांगे पूरी न होने की स्थिति में 14 जुलाई को बस संचालक खारुन नदी में जल समाधि लेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल सिंह, संभागीय अध्यक्ष मो. शहाबुद्दीन, नूरे हक, त्रिलोचन सिंह बाबरा, महेंदर सिंह छाबड़ा, प्रदीप अग्रवाल, राधे कृष्ण गुप्ता, फिरोज आलम, जावेद आलम, लखपति सिंह, राजेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, रविन्द्र सिंह बेदी, गुरभेज सिंह छाबड़ा, वसीम अख्तर शामिल थे।