रायपुर में जिला प्रशासन ने गणेश उत्सव की बदली गाइडलाइन, जानिए किन चीजों पर रहेगी पाबंदी

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रायपुर । रायपुर में स्थानीय जिलाधिकारी ने सोमवार की शाम गणेश उत्सव को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की है। इससे पहले 28 जुलाई को भी एक गाइडलाइन जारी की गई थी।

वहीं, पुरानी गाइडलाइन के कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। जिनके मुताबिक गणेशोत्सव पर्व के दौरान किन-किन चीजों पर पाबंदी रहेगी। बता दें कि कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने ये गाइडलाइंस जारी की हैं।

दरअसल, रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक गणेश उत्सव को लेकर अब 8 फीट की प्रतिमा पंडालों में स्थापित की जा सकेगी। वहीं, प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों को बेचना या स्थापित करना प्रतिबंधित होगा। इससे पहले 4 फीट तक की प्रतिमा की ही अनुमति थी ।जहां नई गाइडलाइन के मुताबिक पंडाल या मंडप में एक समय में 50 से ज्यादा लोग एक साथ इक्ठ्ठे नहीं होंगे, इससे पहले सिर्फ 20 लोगों को ही अनुमति दी गई थी।

पंडालों में मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रशासन से लेनी होगी अनुमति

जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार यदि घर के बाहर कैंपस में या सार्वजनिक जगहों पर मूर्ति स्थापित करनी है तो इसके लिए परमिशन लेनी होगी। कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक 3 दिन पहले यह अनुमति संबंधित नगर निगम के जोन ऑफिस से ली जाएगी। इसके लिए एफिडेविट और आवेदन देना होगा. गणेश उत्सव के लिए सिर्फ ऐसी जगहों पर ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी, जिससे वहां का यातायात प्रभावित ना हो।

जानिए गणेशोत्सव पर किन नियमों का करना होगा पालन

1- मूर्ति स्थापना का पंडाल 15 बाय 15 फीट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वहीं, पंडाल के सामने 500 वर्ग फीट की खुली जगह होनी चाहिए। साथ ही लोगों के लिए बैठने के लिए कोई अलग से पंडाल नहीं बनेगा और ना ही कुर्सी लगाई जाएगी।

2- मूर्ति स्थापित करने वाली आयोजन समिति को एक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। इसमें भगवान के दर्शन करने आने वाले सभी लोगों के नाम-पते मोबाइल नंबर लिखने अनिवार्य होंगे।

3- पंडाल में सैनिटाइजर थर्मल स्कैनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश, क्यू मैनेजमेंट की कई सुविधाएं होनी चाहिए।

4- नई गाइडलाइन के अनुसार कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी, यदि मूर्ति स्थापना के बाद इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाता है तो पूजा को वहीं, रोकनी होगी।

5- पंडाल के पास प्रशासन की अनुमति के बाद ही साउंड सिस्टम, डीजे या धुमाल बजाया जा सकेगा। और मूर्ति को लाने या विसर्जन के लिए ले जाने के दौरान धुमाल, डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

6- मूर्ति स्थापना या विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाने-पीने की चीजें बांटी नहीं जाएंगी। इस दौरान मूर्ति विसर्जन के लिए एक से ज्यादा वाहन की अनुमति नहीं होगी। वहीं, विसर्जन के लिए सिर्फ पिकअप, टाटा एस जैसे छोटे वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा. विसर्जन के लिए सिर्फ 4 लोग ही जा सकेंगे यह 4 उसी गाड़ी में होंगे जिस गाड़ी में मूर्ति होगी।

7- किसी भी अतिरिक्त साज-सज्जा झांकी की अनुमति नहीं होगी. साथ ही दिन ढलने के बाद अगली सुबह तक मूर्ति विसर्जन नहीं हो सकेगा। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा तय किया गए रूट का ही इस्तेमाल करना होगा।

8- शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से मूर्ति विसर्जन के वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, रिंगरोड का ही प्रयोग करना होगा।