छत्तीसगढ़ में 5 सूत्रीय मांगों को लेकर प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल,मांग पूरी न होने पर दिवाली से पहले करेंगे असहयोग आंदोलन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के बैनर तले धरना प्रदर्शन जारी है। इससे आज प्रदेश के 16 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।निजी स्कूलों की मनमानी के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई है।प्रदेशभर के निजी स्कूल के संचालकों ने स्कूल बंद किया है। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर धरना प्रदर्शन जारी है।

निजी स्कूलों की मनमानी को नज़रअंदाज़ करना आज प्रदेश सरकार को भारी पड़ रहा है। खामियाजा निजी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को चुकाना पड़ रहा है। आज लगभग 16 लाख विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।

निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर सैकड़ों शिकायत हुई, लेकिन नोटिस जारी करने के अलावा आज तक शिक्षा विभाग के द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। यही कारण है कि आज निजी स्कूल के अभिभावकों के ऊपर मनमानी करने के बाद अब सरकार को चुनौती दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के अशासकीय विद्यालय अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस विभिन्न मांगों को लेकर कई बार विभाग को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, जिनका निराकरण आज तक नहीं हुआ है।

खामियाजा 1000 से ज़्यादा ही स्कूल बंद हो चुके हैं। इसलिए आज अपनी मांगों को लेकर इस स्कूल बंद कर चेतावनी स्वरूप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी गई तो दिवाली से पहले हम असहयोग आंदोलन करेंगे।

आंदोलन की वजह

2020-2021 की RTE की प्रतिपूर्ति राशि अशासकीय स्कूलों को तुरंत दी जाए। 16 महीनों तक स्कूल बसों का संचालन बंद रहा, अत: अप्रैल 2020 से जुलाई 2021 (16 महीने) प्रदेश की सभी स्कूल बसों का रोड टैक्स माफ किया जाए। नवीन मान्यता, मान्यता नवीनीकरण पर स्कूल शिक्षा विभाग अड़ियल रवैया अपनाए हुए हैं। पूरे प्रदेश में मान्यता की प्रक्रिया 2 से 3 वर्ष विलंब से चल रही है। कोरोना संक्रमण के दौरान प्रदेश के सभी अशासकीय विद्यालयों का स्कूल शिक्षा विभाग ने निरीक्षण किया था, अलग-अलग जिलों में कमियां बता कर अशासकीय विद्यालयों को परेशान किया जा रहा है।