न्यायालय परिसर में पुलिस का ‘सरप्राइज रेड’:एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की बड़ी कार्रवाई, 3 हिरासत में
सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की कवायद; थाना सिविल लाइन में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत केस दर्ज।

रायपुर । शहर में अपराधों की रोकथाम और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साईबर) स्मृतिक राजनाला के कड़े निर्देशानुसार, बीते दिन न्यायालय परिसर में एक वृहद आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद संदिग्धों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
20 सदस्यीय विशेष टीम ने संभाला मोर्चा
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एवं सहायक पुलिस उपायुक्त के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट (ACCU) की 20 सदस्यीय विशेष टीम ने पूरे न्यायालय परिसर को अपनी निगरानी में ले लिया। टीम ने न केवल परिसर के भीतर, बल्कि आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी आने-जाने वाले व्यक्तियों की गहनता से तलाशी ली और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी।
तीन गिरफ्तार, आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद
सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने 03 व्यक्तियों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा, जिनके कब्जे से प्रतिबंधित और आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना सिविल लाइन में इन आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, कई अन्य संदिग्धों को रोककर उनकी पृष्ठभूमि खंगाली गई और भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न होने की सख्त हिदायत देकर छोड़ा गया।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और आम नागरिकों से चर्चा कर उन्हें सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। पुलिस की इस सक्रियता की आमजन और अधिवक्ता संघ द्वारा सराहना की जा रही है।



