CG Dhan Kharidi Token Viral Video: ‘टोकन काटे तो निपट जाओगे’ ऑडियो से मचा बवाल

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अंतिम दौर में ‘टोकन कांड’ का कथित ऑडियो वायरल हो गया है, जिसमें अधिकारी समिति प्रबंधकों को किसानों के टोकन आवेदन पेंडिंग रखने का निर्देश देते हुए सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।





रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में है। 31 जनवरी 2026 को खरीदी का आखिरी दिन है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक खाद्य अधिकारी समिति प्रबंधकों को निर्देश देते हुए कह रहे हैं कि “अभी किसी भी किसान का टोकन नहीं काटना है, आवेदन पेंडिंग रखो। ज्यादा टोकन काटे तो नौकरी से निपट जाओगे।” इस ऑडियो ने किसानों और विपक्षी दलों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया है।

वायरल ऑडियो में क्या है?

  • ऑडियो कथित तौर पर सारंगढ़ जिले का बताया जा रहा है।
  • इसमें खाद्य अधिकारी समिति प्रबंधकों से टोकन की स्थिति पूछते हैं।
  • हरदी गांव के समिति प्रबंधक ने बताया कि टारगेट 58 तक जा सकता है।
  • अधिकारी ने चेतावनी दी – “तुम ही क्रॉस कर रहे हो भाई… ज्यादा टोकन काटे तो निपट जाओगे।”
  • अधिकारी ने साफ कहा कि “अभी किसी भी किसान का टोकन नहीं काटना है, आवेदन पेंडिंग रखो।”

धान खरीदी की स्थिति

  • 13 जनवरी 2026 तक प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार:
    • 17,77,419 किसानों से धान खरीदी हुई।
    • कुल खरीदी: 105.14 लाख मीट्रिक टन।
    • किसानों को भुगतान: ₹23,448 करोड़।
  • यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।

विपक्ष का हमला और किसानों की मांग

  • कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई किसान अब तक धान बेच नहीं पाए हैं।
  • विपक्ष ने सरकार से धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की है।
  • किसानों का कहना है कि टोकन प्रक्रिया में गड़बड़ी से उन्हें नुकसान हो रहा है।

सरकार का रुख

  • सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि फिलहाल तारीख बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है।
  • उन्होंने कहा कि “जरूरत होगी तो तारीख बढ़ाई जाएगी, लेकिन अभी ऐसी स्थिति नहीं है।”
  • मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीदी केवल वास्तविक धान की हो रही है।
  • अवैध धान खपाने वालों पर कार्रवाई की गई है और हजारों क्विंटल धान जब्त किया गया है।

धान खरीदी के अंतिम दौर में यह कथित ऑडियो किसानों के बीच असमंजस और नाराजगी पैदा कर रहा है। सरकार जहां खरीदी की तारीख बढ़ाने से इनकार कर रही है, वहीं विपक्ष इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहा है। अब देखना होगा कि 31 जनवरी के बाद सरकार क्या फैसला लेती है और इस वायरल ऑडियो की जांच से क्या सच सामने आता है।

Disclaimer – यह समाचार रिपोर्ट एक वायरल ऑडियो/वीडियो पर आधारित है। The 4th Pillar News इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है और न ही किसी व्यक्ति या प्राधिकरण की छवि को नुकसान पहुँचाने का उद्देश्य रखता है। वास्तविक तथ्यों की पुष्टि संबंधित विभागों और आधिकारिक स्रोतों से ही की जाएगी।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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