ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या हुई 42, सात की आंखों का ऑपरेशन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को भी ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) के दो नए मरीज मिले। ये मरीज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में भर्ती हुए हैं। अब तक अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 42 हो गई है। एक दिन पहले एम्स रायपुर में 21, आंबेडकर अस्पताल रायपुर में दो, रामकृष्ण केयर अस्पताल में पांच, श्री बालाजी अस्पताल में दो और भिलाई से 10 मरीज मिले थे।

एम्स में अभी 23 रोगियों का उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में सात रोगियों की आंख का आपरेन कर दिया गया है, जबकि शेष रोगियों के लिए आपरेशन की औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही है। इनमें सबसे अधिक रोगी 13 भिलाई और दुर्ग के हैं। निदेशक और ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. (डा.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि एम्स के ईएनटी विभाग अन्य विभागों के समन्वय से इन रोगियों को उपचार प्रदान कर रहा है।

शुक्रवार को भी ऐसे तीन रोगियों का आपरेशन किया गया। अगले सप्ताह अन्य रोगियों का आपरेशन कर उन्हें त्वरित राहत प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। एम्स में भर्ती रोगियों में रायपुर के पांच, राजनंदगांव के दो और कबीरधाम, महासमुंद एवं चांपा के एक-एक रोगी शामिल हैं।

16 रोगी पुरुष हैं और सात रोगी महिलाएं हैं। इनमें से 17 रोगी 30 से 60 वर्ष की आयुवर्ग के हैं, जबकि एक 30 वर्ष से कम और पांच 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के हैं। इनमें से दो रोगियों में यह सबसे अधिक घातक स्थिति में पहुंच गया है, जिनका आपरेशन मस्तिष्क तक होगा। इन रोगियों को ठीक होने में 15 से 40 दिन तक का समय लग सकता है।

एम्स ने कहा- लोग यह करने से बचें

प्रो. नागरकर ने बताया कि स्टेरायड दवाइयों का अनावश्यक प्रयोग न करें। एंटीबायोटिक के गैर जरूरी प्रयोग से बचें और डायबिटीज सहित अन्य बीमारियों को नियंत्रण में रखकर इससे बचा जा सकता है। साथ ही समय पर इसका पता लगाकर यदि इलाज शुरू कर दिया जाए तो समय पर इसे नियंत्रित करने में काफी मदद मिलती है।