Video-भाजपा के आक्रोश रैली को रोका पुलिस ने, झूमाझपटी के बाद हुई गिरफ्तारी

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रायपुर। प्रदेश में इन दिनों लगातार बढ़ते अपराध से हर कोई भयभीत है। शासन प्रशासन इस पर लगाम कसने की जहां पूरी कोशिश कर रही है तू वही प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था के खिलाफ आज भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं ने जन आक्रोश रैली निकाली। रैली के दौरान पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व पूर्व मंत्री राजेश मूणत कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। धरना प्रदर्शन के बाद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के निवास घेराव करने जा रहे भाजपा के आक्रोश रैली को पुलिस ने कालीबाड़ी चौक पर ही रोक लिया। इस दरमियान पुलिस और भाजपाइयों के बीच झुमझपटी भी हुई और पुलिस ने रैली में शामिल भाजपा नेताओं को गिरफ्तार भी किया।इसके बाद पुलिस ने सभी पूर्व मंत्री समेत हजारों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर अस्थाई जेल में रखा।

 

इसके पहले धरना सभा को पूर्व मंत्री, विधायक बृजमोहन अग्रवाल ,राजेश मूणत, राजीव अग्रवाल, सच्चिदानंद उपासने ,श्रीचंद्र सुंदरानी आदि भाजपा नेताओं ने संबोधित करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार अपराध में बढ़ोत्तरी हो रही है।

राजधानी में बीच चौराहे पर सरेआम एक कारोबारी की हत्या कर दी गई। बीती रात भी हत्या की एक घटना सामने आई है। छोटी से छोटी बात पर मर्डर हो रहे हैं। किसी को भी कानून व्यवस्था का कोई डर नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि महिलाओं के ऊपर भी लगातार अत्याचार, बलात्कार के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि सत्ता में आने के पहले कांग्रेस ने प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा की थी लेकिन यहां नशे का कारोबार फल फूल रहा है। गांजा ,अफीम के साथ कोकीन का कारोबार करने वाले पकड़े जा रहे हैं। सट्टे का कारोबार भी जोरों पर है। दूसरी तरफ थाना में स्टाफ लगाकर बदल दिए जा रहे हैं। अपना इलाका समझ पाता है इसके पहले ही उसका तबादला कर दिया जाता है। तबादलों के चलते दफ्तर में कोई अधिकारी कर्मचारी सुरक्षित नहीं है। प्रदेश के लिए यह सब बहुत ही दुखद पहलू है।

भाजपा नेताओं ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के पहले प्रदेश के लाखों किसानों को बोनस देने की बात भी कही थी। लेकिन उनका यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। सत्ता में आने के बाद किसानों को उनकी उपज का किस्तों में भुगतान हो रहा है सैकड़ों किसान घटिया बीज, फसल खराब होने से परेशान है। इन सभी परेशानियों से जूझरहे किसान आत्महत्या के लिए मजबूर होने लगे हैं।