बच्चों की ऑनलाइन क्लास में बरतें सतर्कता, इंटरनेट से बचने की जानकारी

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कोरबा। ताले में बंद स्कूलों के बाहर आनलाइन कक्षाएं ही अध्ययन-अध्यापन की संजीवनी बन रहीं। ऐसे में कहीं बच्चों की नादान हरकतों के बहाने मोबाइल फोन ही जी का जंजाल न बन जाएं, इस पर निगरानी जरूरी हो जाता है। सूचना तकनीक व डिजिटल दुनिया की बारीकियों से भली-भांति परिचित केंद्रीय विद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान के शिक्षक यही सीख दे रहे, जो बच्चों को पढ़ाने के साथ आनलाइन क्लास में पालकों को इंटरनेट के दुरूपयोग व साइबर क्राइब से बचने के उपाय भी बता रहे हैं।

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-दो एनटीपीसी कोरबा के कंप्यूटर शिक्षक (पीजीटी, कंप्यूटर विज्ञान) सुमित कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोनाकाल में खासकर बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर व लेपटाप के अलावा स्मार्ट फीचर्स वाले मोबाइल फोन का प्रचलन सबसे ज्यादा बढा है।

बैंकिंग में आनलाइन लेन-देन हो या अपने दफ्तर का जरूरी काम-काज, एंड्रायड फोन की जरूरत और उपयोग अब घर-घर की बात हो गई है। ऐसे में खासकर स्कूल की पढ़ाई में आनलाइन रहते हुए बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता के लिए मार्गदर्शन एक अनिर्वाय मसला है।

बच्चे गलती से व्यक्तिगत जानकारी साझा कर सकते हैं। बिना यह समझे कि वे पहचान की चोरी के अधीन हो सकते हैं। दुर्भावना से प्रेरित होकर कोई अंजान व्यक्ति पालकों या बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग कर अनुचित लाभ उठा सकते हैं। इंटरनेट एक्सेस करना और स्मार्ट मोबाइल उपकरणों का उपयोग करना बच्चों को जोखिम में डाल सकता है। इन्हीं बातों पर केंद्रित करते हुए आनलाइन कक्षाओं के बीच समय-समय पर बच्चों के पालकों का मार्गदर्शन भी किया जा रहा। उन्हें मोबाइल या लेपटाप पर बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के अनुरूप इंटरनेट के सीमित उपयोग के बारे में जानकारियां दी जा रही हैं।

समय-समय पर बच्चों से चर्चा

बच्चे सोशल नेटवर्किंग साइटों या आनलाइन संदेशों के अन्य माध्यमों से भी इंटरनेट पर सक्रिय अवांछित लोगों के संपर्क में सकते हैं। परेशान करने वाली जानकारी, वीडियो और तस्वीरें देख साइबर बदमाशी का संभावित शिकार हो सकते हैंं। इससे बचने बच्चों से समय-समय पर बातें करना जरूरी है। उन्हें बताते रहना होगा कि अजनबियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी, अपनी या दूसरों की फोटो साझा न करें, जिससे पहचान की चोरी से बचा जा सकेगा।

वेब फिल्टरिंग साफ्टवेयर की मदद

बच्चों को आनलाइन सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करने के लाभों और इससे होने वाले संभावित खतरों के बारे में उनसे चर्चा करें। उन्हें समझाएं कि अगर वे उन लेखों पर चिंतित या चिंतित हो जाते हैं जो वे देखते हैं तो उन्हें क्या करना चाहिए। बच्चा इंटरनेट में क्या करता है, किन वेबसाइटों पर जाता है। अनुचित साइट को ब्लॉक करने के लिए वेब फ़िल्टरिंग सॉफ़्टवेयर स्थापित करें। ऐसे वेबासाइट व लिंक को ब्लाक करें, जो अनुचित रास्ते पर ले जाए।