Video- करोड़ों रुपयों के लालच में अपनों के ही खून ने कर दिया किनारा, नाबालिक को फर्जी तरीके से बना दिया बालिक

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जगदलपुर । लालच बुरी बला होती है जो इंसान को शैतान बना दिया है। जब इंसान को लालच आ जाए तो वह किसी भी हद तक जा सकता है। लालच के चलते इंसान यह नहीं देखता कि यह मेरा भाई है कि मेरा बेटा। ऐसा ही कुछ मामला जगदलपुर में सामने आया है। जहां अपने पिता की जायदाद में बेटी को बेदखल कर दिया गया। अब बेटी गुजरात से न्याय मांग रही है।जिसके लिए उसने कोतवाली में भी शिकायत दर्ज कराई है कि जमीन की जो खरीदी बिक्री की गई है उसे रद्द करते हुए शून्य घोषित किया जाए। मामला जगदलपुर के प्रतापगंज पारा का है। जमीन की खरीदी बिक्री की गई और इसमें उस बेटी का नाम गायब कर दिया गया और रजिस्ट्री कर दी गई। अपने पिता स्वर्गीय जेठमल खत्री और माता स्वर्गीय सगन देवी खत्री की एक इकलौती पुत्री मोहनी महेंद्र बारडे जो अभी सूरत में रहती है। आपको बता दें कि माता के निधन के बाद उसके पिता स्वर्गीय जेठमल खत्री ने दूसरी शादी लक्ष्मी देवी से कर ली थी। जिससे उसके दो पुत्र जिनमें देवेंद्र खत्री और नाबालिग पुत्र चिराग खत्री हैं।इन सभी से मिलकर उक्त जमीन को जगदलपुर निवासी अशोक राठी और उनके परिजनों के नाम से विक्रय 31 अगस्त को 1 करोड़ 4 लाख 45 हजार रुपया में कर दी। जिस पर पीड़िता मोहनी देवी के पुत्र विजेंद्र कुमार वारडे ,जो माता की तरफ से शिकायत करता है, उन्होंने जो जानकारी दी वह काफी चौका देने वाली है।उन्होंने सूरत से आकर पतासाजी की और बताया कि जिन लोगों ने कूट रचना करते हुए रजिस्ट्री की है वह फर्जी हैं रजिस्ट्री करते समय चिराग खत्री को वाली बताया गया जबकि चिराग खत्री अभी 16 साल का बाल नाबालिक है और उसके पास प्रमाण पत्र भी मौजूद है। इसमें जन्म प्रमाण पत्र स्कूल और निजी क्लीनिक की सर्टिफिकेट भी बता रहे हैं कि कैसे सभी लोगों ने मिलकर आधार कार्ड से छेड़छाड़ कर अशोक राठी को जमीन बेच दी। जबकि अशोक राठी को यह जानकारी है कि चिराग राठी अभी नाबालिक है।

विजेंद्र कुमार वारडे जो कि प्रार्थी है ने कहां की उन्होंने मेरी माता के साथ छल किया है साथ ही रजिस्ट्री को भी अंधेरे में रखा है उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत करते हुए कहा है कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री की गई है उसे रद्द करते हुए शून्य घोषित किया जाए साथ ही सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और मेरी माता मोहनी देवी को उनके पिता की संपत्ति में हक मिले।

वही सूरत से हुई शिकायत के बाद खरीददार अशोक राठी जो जमीन क्रेता है ने बताया कि उन्हें इन सब चीजों की जानकारी नहीं है खत्री परिवार ने जो दस्तावेज दिए थे उसे सही माना गया और रजिस्ट्री करवा ली।

 

फर्जीवाड़े से हुई रजिस्ट्री के संबंध में जगदलपुर सब रजिस्ट्रार भूआर्य ने बतायाकि कोतवाली थाना को रजिस्ट्री संबंधित सभी दस्तावेजों को दे दिया गया है और जो भी गलत दस्तावेज उनके द्वारा लगाया है तो उनके ऊपर ही मामला दर्ज होगा। और पूरे मामले को न्यायालय की जांच करेगी। वही इस सब पूरे मामले में जगदलपुर सिटी कोतवाली प्रभारी ने पीड़िता के पुत्र द्वारा दी गई शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी है और कहा है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच का सूरत में बैठी बैठी हो और उसके पिता की संपत्ति में हक मिलता है या नहीं।