आरटीई के फीस घोटाले को लेकर ABVP ने किया डीईओ कार्यालय का घेराव

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रायपुर। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति में करीब 74 लाख रुपये का घोटाला सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र- छात्राओं ने रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। सोमवार को परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में डीईओ कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। मामला छत्तीसगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय रायपुर का है।

28 जनवरी 2021 को सेवानिवृत्त डीईओ जीआर चंद्राकर ने आठ निजी स्कूलों को आरटीई की राशि का भुगतान किया है। इनमें ज्यादातर स्कूल दो से पांच साल पहले ही बंद हो चुके हैं।

जिन स्कूलों को राशि दी गई है, वहां आरटीई के एक भी बच्चे नहीं पढ़ रहे हैं और न ही कोई रकम ही बकाया थी, जबकि राशि संस्थाओं के खाते में ही भेजने का प्रविधान है। सालभर पहले लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी डीईओ से आरटीई के लिए भेजी गई राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगी थी।

तब रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने आरटीई की पूरी राशि का उपयोग कर लिए जाने की जानकारी दी थी। जबकि बाद में करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान निजी स्कूलों को किया गया है। इनमें मयूर स्कूल उमरिया – 12 लाख 58 हजार 948 रुपये सृष्टि पब्लिक स्कूल भरेंगा – 21 लाख 38 हजार 367 रुपये सरस्वती शिशु मंदिर बेलदार सिवनी – 9 लाख 80 हजार 578 रुपये एमएमडी इंग्लिश मीडिया स्कूल बोरियाखुर्द – 11 लाख 30 हजार 633 रुपये ज्ञानदीप विद्यालय बड़ा अशोक नगर गुढि़यारी – 8 लाख 18 हजार 44 रुपये बेगनर स्कूल – 7 लाख 51 हजार 330 रुपये सर्वोदय विद्या मंदिर – 3 लाख 19 हजार 800 रुपये प्रगति विद्यालय कोलर – 2 लाख 50 हजार रुपये शामिल हैं।