चोरी का लगा इल्जाम, डरा धमका कर पुलिस ने ले लिए 1 लाख रुपया, आदिवासी समाज में आक्रोश

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कोंडागांव। कोंडागांव जिला के केशकाल आदिवासी समाज के द्वारा तहसीदार को कलेक्टर व एसपी के नाम आज ज्ञापन देकर थानेदार एवं दो उपनिरीक्षक पर अपराध कायम करके उन्हें बर्खास्त करने की मांग की गई है। मांग पूर्ण न करने पर चक्का जाम कर आंदोलन करने की भी चेतावनी दिया गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सेवानिवृत्त शिक्षक लछुराम नाग पिता खोड़ीया राम नाग उम्र 66 वर्ष ग्राम मछली ब्लाक बडेराजपुर के निवासी है। 2 अक्टूबर को पुलिस थाना विश्रामपुरी में पदस्थ एस आई सोरी और एस आई पटेल के द्वारा उनके साथ घर में बिना किसी सर्च वारंट या पूर्व सूचना के रात्रि 7:00 बजे घर घुसकर चोरी का इल्जाम लगाकर गाली- गलौज करते हुए मारपीट की गई और गाड़ी में बिठाकर थाना प्रभारी विश्रामपुरी के पास लाया गया।
थाना प्रभारी ने लछुराम नाग को मैदान में ले जाकर 1 घंटे के अंदर 1लाख रुपये लाकर दो अन्यथा जेल भेज देने की बात कही। जिससे डरकर लछुराम ने हाथ जोड़कर निवेदन किया और कहा इतनी बड़ी रकम कैसे दे पाऊंगा। उसके बाद भी थाना प्रभारी ने दबाव बनाते हुए एफआईआर कर जेल भेज देने की बात कही। जिस पर घबराकर वह अपने परिवार से बात करना चाहा तो थाना प्रभारी ने फोन छीन लिया गाली गलौज करने लगा।
इस बीच पूर्व सरपंच सखाराम मरकाम और लछुराम का छोटा बेटा थाना पहुँचे तो लछुराम ने 1लाख राशि व्यवस्था कर 1 घंटे में थाना प्रभारी को देने की बात कही। जिसके बाद कही से व्यवस्था कर 1लाख रुपये थाना प्रभारी को दिया गया और लच्छूराम को छुड़वाया गया। जिसके बाद उन्होंने सर्व आदिवासी समाज को आकर अपने साथ बीती पूरी घटना को बताया।
इस घटना से आक्रोशित सर्व आदिवासी समाज के द्वारा स्थानीय तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार नायक को ज्ञापन देते हुए उक्त पुलिस के कर्मचारीयो के ऊपर कारवाई करने के साथ-साथ 1 लाख रुपये की राशि हर्जाने के साथ 48 घण्टे में वापस करने की बात की गई। आदिवासी समाज के द्वारा उग्र धरना प्रदर्शन करते हुए हुआ चक्का जाम करने की चेतावनी भी दे दी गयी है।