रायपुर पुलिस की बड़ी पहल: ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ के तहत DCP सेंट्रल ने ली 60 प्राचार्यों की क्लास
बैग चेकिंग से लेकर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तक, स्कूल परिसरों को 'क्राइम फ्री' बनाने पर जोर।

रायपुर। राजधानी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन को लेकर रायपुर पुलिस अब एक्शन मोड में है। ‘सेंट्रल जोन’ कमिशनरेट के अंतर्गत डीसीपी उमेश गुप्ता ने आज शहर के लगभग 60 प्रमुख स्कूलों के प्राचार्यों (Princpals) की एक उच्च-स्तरीय बैठक ली। इस बैठक में एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल और एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू की विशेष उपस्थिति रही, जहाँ स्कूल परिसरों को अपराध मुक्त बनाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर चर्चा की गई।
सख्ती: बैग में हथियार मिले तो सीधे अभिभावकों को बुलावा
बैठक में डीसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों में औचक (Surprise) बैग-चेकिंग की जाए। यदि किसी छात्र के पास चाकू या अन्य आपत्तिजनक वस्तु मिलती है, तो तत्काल अभिभावकों को सूचित कर छात्र की काउंसलिंग की जाए। गंभीर स्थितियों में पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा।
डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पहरा
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर कड़े नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। डीसीपी गुप्ता ने प्राचार्यों से कहा कि छात्रों को साइबर बुलिंग, अश्लील कंटेंट और ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online Gaming/Betting) के खतरों के प्रति जागरूक करना अब समय की मांग है।
प्रमुख दिशा-निर्देश: एक नज़र में
विषय | पुलिस के कड़े निर्देश |
|---|---|
वाहन संचालन | 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों द्वारा वाहन चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध। |
गैंग कल्चर | आपसी विवाद, धमकी या ‘बदमाशी’ (Bullying) करने वाले संदिग्ध छात्रों की विशेष निगरानी। |
नशा मुक्ति | ई-सिगरेट, तंबाकू और गुटखे की स्कूल के आसपास बिक्री पर पुलिस की पैनी नजर। |
इंफ्रास्ट्रक्चर | परिसर में चालू हालत में CCTV और एंट्री गेट पर सुरक्षा गार्ड अनिवार्य। |
महिला सुरक्षा | वॉशरूम के बाहर स्पष्ट संकेतक (Signage) ताकि किसी भी प्रकार का अनधिकृत प्रवेश न हो। |
त्वरित संपर्क और समन्वय
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी स्कूलों को अपने नजदीकी थाना प्रभारी और बीट अधिकारियों के नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के अंत में डीसीपी श्री उमेश गुप्ता ने सभी शिक्षाविदों से अपील की कि वे पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें ताकि रायपुर के बच्चों को एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके।



