धान खरीदी और कानून व्यवस्था पर बरसे पूर्व CM बघेल, बोले- किसान परेशान और मुख्यमंत्री कर रहे नौका विहार
लाखों किसान धान बेचने से वंचित, जबरन टोकन सरेंडर कराने का आरोप।

रायपुर । छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धान खरीदी, कानून व्यवस्था और शराब नीति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। पत्रकारों से चर्चा के दौरान बघेल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए और कहा कि प्रदेश में ‘मोदी की गारंटी’ पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
धान खरीदी: किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमानुसार सरकार को 75 दिनों तक धान खरीदी करनी थी, लेकिन इसे मात्र 53 दिनों में ही समाप्त कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के लाखों किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए हैं। बघेल ने आरोप लगाया कि हजारों किसानों को टोकन ही नहीं मिला और जिन्हें मिला, उन पर आधा धान बेचने के लिए दबाव बनाया गया।
बघेल ने अपने हालिया दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने सरगुजा, बस्तर और कांकेर का दौरा किया। वहां किसान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे और प्रदेश के मुख्यमंत्री नौका विहार का आनंद ले रहे थे। जिन किसानों ने कर्ज लिया है, उनका धान न खरीदकर सरकार उन्हें संकट में डाल रही है। अब सवाल यह है कि सरकार ऋण वसूली कैसे करेगी? उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की जानकारी भी दी।
शराब और नशा: “उड़ता छत्तीसगढ़” बनाने की साजिश?
भाजपा के चुनावी घोषणापत्र पर प्रहार करते हुए बघेल ने कहा कि शराबबंदी का वादा करने वाली भाजपा अब शराब दुकानों की संख्या और कीमतें दोनों बढ़ा रही है। उन्होंने नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में ड्रग्स और गांजा धड़ल्ले से आ रहा है। उड़ीसा में भी भाजपा की सरकार है, फिर भी तस्करी नहीं रुक रही। भाजपा छत्तीसगढ़ को ‘उड़ता पंजाब’ की तर्ज पर ‘उड़ता छत्तीसगढ़’ बनाने पर आमादा है।
कानून व्यवस्था: गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की गूंज
राजिम में हाल ही में हुए तनाव को लेकर बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा की क्षमता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है और गृहमंत्री से व्यवस्था संभल नहीं रही है। बीरनपुर की घटना को याद दिलाते हुए उन्होंने तंज कसा कि जब बीरनपुर में हिंसा हुई थी, तब अरुण साव वहां तुरंत पहुंचे थे,क्या अब वे राजिम जाने की हिम्मत दिखाएंगे?



