सुरक्षित रेल परिचालन के लिए रायपुर रेल मंडल की पहल, मंदिरहसौद में संरक्षा सेमिनार आयोजित
संरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए रायपुर मंडल की विशेष मुहिम, 44 रेल कर्मी हुए शामिल।

रायपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर रेल मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को मंदिरहसौद स्टेशन पर एक दिवसीय संरक्षा संगोष्ठी (सेमिनार) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में परिचालन, विद्युत, यांत्रिक, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा इंजीनियरिंग विभाग के फील्ड कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स ने हिस्सा लिया।
इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण
संगोष्ठी के दौरान रेल दुर्घटनाओं को रोकने और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कई तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- हादसों से बचाव: स्पैड (SPAD – Signal Passing At Danger) से बचाव की कार्यप्रणाली और शंटिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां।
- तकनीकी संचालन: नॉन-इंटरलोक समपार फाटक का कार्य, गाड़ियों की सेक्योरिंग, और सिग्नल विफलता के समय कर्मचारियों के कर्तव्य।
- रखरखाव: ट्रैक फिटिंग का मेंटेनेंस और चाबीदार की ड्यूटी का महत्व।
- आपातकालीन तैयारी: आग से बचाव के उपाय और अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन।
सेमिनार का नेतृत्व वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी (रायपुर) सुरेश चन्द्र और सहायक मंडल संरक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार ने किया। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि संरक्षा संगठन द्वारा हर माह विभिन्न स्टेशनों पर दो संगोष्ठियाँ आयोजित की जाती हैं, ताकि कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति निरंतर जागरूकता बनी रहे।
इस अवसर पर संरक्षा सलाहकारों सहित कुल 44 कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान किया। रेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमित प्रशिक्षण से मानवीय भूलों की संभावना कम होगी और रेल यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी।



