धरसींवा जनपद अध्यक्ष शकुंतला ढिलेंद्र सेन ने सेवा कार्यों के साथ मनाया जन्मदिन; दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल और स्वच्छता दीदियों को बांटी साड़ियां

'जनसेवा ही परमो धर्म': तामझाम छोड़, सेवा कार्यों के जरिए शकुंतला ढिलेंद्र सेन ने जीता क्षेत्रवासियों का दिल।





धरसींवा। राजनीति जब सेवा का माध्यम बनती है, तो वह जन-जन के हृदय में अपनी जगह बना लेती है। छत्तीसगढ़ की धरसींवा जनपद पंचायत की अध्यक्ष शकुंतला ढिलेंद्र सेन ने अपने जन्मदिवस को महज़ एक व्यक्तिगत उत्सव न मानकर, उसे ‘सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाकर एक नई मिसाल पेश की है। पारंपरिक जश्न और दिखावे से दूर, उन्होंने समाज के उन वर्गों के साथ समय बिताया जो विकास की मुख्यधारा में सम्मान के हकदार हैं।

जनपद अध्यक्ष शकुंतला ढिलेंद्र सेन ने अपने इस विशेष दिन की शुरुआत मानवता की सेवा से की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने क्षेत्र के दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल प्रदान की। जब ये ट्राईसाइकिल पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिले, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

यही नहीं, समाज को स्वच्छ और सुंदर बनाने में दिन-रात जुटी ‘स्वच्छता दीदियों’ को अध्यक्ष महोदया ने साड़ियां भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने दीदियों के श्रम का सम्मान करते हुए कहा कि समाज की असली नायक यही महिलाएं हैं।

अध्यक्ष के निवास स्थान और जनपद कार्यालय पर सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। धरसींवा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सरपंच, पंचगण, जनपद सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में ग्रामीण अपनी लोकप्रिय नेत्री को स्नेह देने पहुंचे। कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिसे शकुंतला जी ने हाथ जोड़कर स्वीकार किया और इसे ‘जनता का अटूट भरोसा’ बताया।

जनपद अध्यक्ष शकुंतला ढिलेंद्र सेन ने कहा कि मेरा यह जीवन और मेरा हर एक क्षण धरसींवा की जनता की सेवा के लिए समर्पित है। जन्मदिन की असली सार्थकता फूलों के गुलदस्तों में नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे की मुस्कान में है। आज दिव्यांग भाइयों और स्वच्छता दीदियों के बीच रहकर जो आत्मिक सुख मुझे मिला है, वह अनमोल है। आप सभी का आशीर्वाद ही मेरी असली पूंजी और शक्ति है।

जनपद अध्यक्ष शकुंतला ढिलेंद्र सेन ने सभी सम्मानीय अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मठ कार्यकर्ताओं और दूर-दराज के गांवों से आए ग्रामीण भाई-बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के इस मंगल अवसर पर आप सभी ने जो स्नेह और आशीर्वाद मुझ पर बरसाया है, वह मेरे लिए अविस्मरणीय है। मैं उन सभी शुभचिंतकों की भी आभारी हूँ जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुझे अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। आप सबका यही साथ और विश्वास मुझे क्षेत्र की प्रगति के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। मैं आशा करती हूँ कि भविष्य में भी हम सब मिलकर धरसींवा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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