कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर: ग्राम अड़सेना में 31 महिलाएं सीख रहीं राजमिस्त्री के गुर

मनरेगा मानदेय और टूलकिट के साथ मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, 4 फरवरी को होगा समापन।





रायपुर । ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखी जा रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रायोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), रायपुर के तत्वावधान में तिल्दा विकासखंड के ग्राम अड़सेना में 30 दिवसीय निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारों, विशेषकर महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उनके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलना है।

महिलाओं का उत्साह: राजमिस्त्री बनकर तोड़ेंगी रूढ़ियाँ

​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है। ग्राम अड़सेना की 31 ग्रामीण महिलाएं वर्तमान में राजमिस्त्री कार्य से संबंधित तकनीकी बारीकियां सीख रही हैं। उन्हें न केवल निर्माण कार्य का व्यवहारिक ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप उद्यमिता विकास और बैंकिंग प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की जा रही है। इसका दूरगामी लक्ष्य शासन की विभिन्न निर्माण योजनाओं में स्थानीय श्रम को प्राथमिकता दिलाना और रोजगार की तलाश में होने वाले पलायन को रोकना है।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और सुविधाएं

​संस्थान के निदेशक सुशीलराम ने बताया कि प्रशिक्षण को पूर्णतः प्रोफेशनल और भविष्योन्मुखी बनाया गया है। सीनियर फैकल्टी कौशल मिश्रा और सिविल इंजीनियर प्रशिक्षक हेमंत पटेल द्वारा प्रतिभागियों को आधुनिक निर्माण तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

​प्रशिक्षण की अन्य प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • आर्थिक सहायता: प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों को मनरेगा के नियमानुसार मानदेय प्रदान किया जाएगा।
  • संसाधन: स्वरोजगार की शुरुआत करने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को निःशुल्क राजमिस्त्री टूलकिट भी दी जाएगी।
  • वित्तीय सहायता: अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक हितग्राहियों को आरसेटी रायपुर के माध्यम से बैंक ऋण आवेदन में पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।

स्थानीय प्रशासन का सहयोग

​इस पूरे कार्यक्रम की सफलता में ग्राम अड़सेना के सरपंच डॉ. तेजराम पाल का निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिल रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि के सक्रिय सहयोग से प्रशिक्षणार्थी अत्यंत उत्साह के साथ अपना कौशल निखार रहे हैं।

4 फरवरी को होगा दीक्षांत समारोह

​एक माह तक चलने वाले इस सघन प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक समापन 04 फरवरी 2026 को होगा। समापन समारोह में उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे, जो उनके भविष्य के स्वरोजगार की राह को प्रशस्त करेंगे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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