नगर निगम के आदेश पर कांग्रेस का विरोध,मृत्यु प्रमाण पत्र की नई प्रक्रिया अमानवीय : कन्हैया अग्रवाल
पाँच सत्यापन और पार्षद की मुहर,मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पर बवाल




कांग्रेस ने नगर निगम से आदेश वापस लेने की मांग की, जन आंदोलन की चेतावनी दी
रायपुर । नगर निगम रायपुर द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किए गए बदलावों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने निगम के नए आदेश को “अमानवीय और शोकाकुल परिवारों के लिए पीड़ादायक” बताया है।
निगम के निर्देशानुसार अब मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए मृतक के परिजनों को पाँच व्यक्तियों से सत्यापन कराना होगा, साथ ही क्षेत्रीय पार्षद से भी दस्तावेज़ों का प्रमाणीकरण आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेताओं ने नाराज़गी जताई है।
कन्हैया अग्रवाल और कांग्रेस नेता सुशील बरोरे ने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र एक संवेदनशील दस्तावेज़ होता है, जिसकी तत्काल आवश्यकता होती है। ऐसे समय में grieving परिवारों को अतिरिक्त कागजी औपचारिकताओं में उलझाना न केवल अनुचित है, बल्कि अमानवीय भी है।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि यह आदेश परिजनों का अनावश्यक शोषण करेगा और प्रशासन की भूमिका को सुविधादाता से बाधादाता में बदल देगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक किसी की मृत्यु की पुष्टि के लिए अपने निजी दस्तावेज़ देने से कतराते हैं, जिससे यह प्रक्रिया और अधिक कठिन हो जाती है।
कांग्रेस ने मांग की है कि नगर निगम इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करे और मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाए। अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस जन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।