बैलों की दौड़ से सजेगा रायपुर का ऐतिहासिक रामसागर पारा,विकास उपाध्याय के संरक्षण में पोरा तिहार का रंगारंग आयोजन
23 अगस्त को शाम 4 बजे से शुरू होगा आयोजन, बैला दौड़ सहित कई पारंपरिक प्रतियोlगिताएँ

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से इस वर्ष भी रायपुर के ऐतिहासिक स्थल रामसागर पारा में पोरा तिहार का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 23 अगस्त 2025, शनिवार को शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की पारंपरिक परंपराओं का उत्सवपूर्वक प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के संरक्षण में छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति एवं रामसागर पारा क्षेत्रवासियों द्वारा किया जा रहा है।
विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़वासियों को पोरा तिहार एवं गणेश चतुर्थी की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह तिहार हमारे पुरखों की विरासत है, जिसे सदियों से पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता रहा है। उन्होंने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के समस्त महतारी, बहिनी, लईका, सियान सहित सभी नागरिकों को इस आयोजन में सादर आमंत्रित किया है। उन्होंने अपील की है कि आमजन अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर इस पारंपरिक तिहार को गौरव प्रदान करें।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण भव्य बैला दौड़ प्रतियोगिता होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रतीक बैलों की जोड़ी भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त नांदिया बैला चलई, जांता चलई जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाएँगी। सभी प्रतिभागियों को विशेष उपहार प्रदान किए जाएँगे, वहीं विजेताओं को नगद पुरस्कार भी दिए जाएँगे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले को ₹6100, प्रथम विजेता को 5100, द्वितीय को 4100, तृतीय को 3100 तथा सभी बैल जोड़ियों को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप 2100 की राशि प्रदान की जाएगी।
इस आयोजन में विकास उपाध्याय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति एवं रामसागर पारा क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहेगा। यह कार्यक्रम न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने का प्रयास है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक प्रेरणादायक अवसर भी है।