अपराध पर नियंत्रण के लिए नाम नहीं, नीयत बदलनी होगी: कन्हैया अग्रवाल
कांग्रेस नेता ने रायपुर में बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता, कमिश्नर प्रणाली को बताया अधूरी पहल

कमिश्नर प्रणाली स्वागत योग्य, लेकिन संरक्षण खत्म करना जरूरी
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने राजधानी रायपुर सहित प्रदेश में पुलिस विभाग में कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पदनाम बदलने या व्यवस्था में बदलाव से अपराध पर नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार को दृढ़ इच्छाशक्ति दिखानी होगी और अपराधियों को मिलने वाले संरक्षण पर तत्काल रोक लगानी होगी।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है, और राजधानी रायपुर तो अपराधियों की शरणस्थली और उनका मुख्यालय बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रायपुर की गलियों में अवैध शराब, गांजा, सट्टा और जुए का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। अब तो हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। नशे के कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई और सट्टा के एरिया कब्जाने की होड़ ने अपराध के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
उन्होंने कहा कि राजधानी में रोजाना चाकूबाजी, लूट, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे आमजन भयभीत हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन यह तभी प्रभावी होगी जब अपराधियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण मिलना बंद होगा।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि केवल बड़े अफसर को बैठाकर या पदनाम बदलकर अपराध पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। जब तक अवैध धंधों में कमीशन और हिस्सेदारी का खेल खत्म नहीं होगा, तब तक कोई भी प्रणाली कारगर नहीं हो सकती।
उन्होंने सरकार से अपील की कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और कानून व्यवस्था को बहाल करने के लिए संरक्षण की राजनीति को समाप्त किया जाए।