साइबर ठगी और नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस का मोर्चा, नॉर्थ जोन के स्कूलों और गांवों में दी गई सुरक्षा की दीक्षा
'डरे नहीं, जागरूक बनें': साइबर ठगी होने पर तुरंत डायल करें 1930; पुलिस ने नागरिकों को किया सतर्क।

रायपुर । राजधानी के रायपुर कमिश्नरेट अंतर्गत नॉर्थ जोन पुलिस द्वारा सामाजिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “संवाद से समाधान” अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (IPS) के निर्देशन एवं एडीसीपी आकाश मरकाम व एसीपी पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्कूलों और गांवों तक पहुँची पुलिस
पुलिस की टीमों ने पण्डरी के आत्मानंद स्कूल, उरला के ग्राम कारा और गुढ़ियारी के गोगांव स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में पहुँचकर विद्यार्थियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान पुलिस ने न केवल कानून की जानकारी दी, बल्कि वर्तमान में बढ़ रहे अपराधों से बचने के व्यावहारिक तरीके भी बताए।
साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया कि वे किसी भी अनजान कॉल या लालच भरे संदेश के झांसे में न आएं।
- वित्तीय सुरक्षा: ऑनलाइन ठगी और फर्जी लोन ऐप से बचने की सलाह दी गई।
- त्वरित सहायता: साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने की प्रक्रिया समझाई गई।
- सोशल मीडिया: अनजान लिंक्स और संदिग्ध एप्लीकेशन से होने वाले खतरों के प्रति सचेत किया गया।
यातायात और नशामुक्ति का संदेश
अभियान के दौरान पुलिस ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया। यातायात नियमों पर चर्चा करते हुए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि अभिभावक 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन न सौंपें। साथ ही, हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और संयमित गति की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
सराहनीय पहल
इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने न केवल सुरक्षा का वातावरण निर्मित किया है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच की दूरी को भी कम करने का प्रयास किया है। स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों ने पुलिस की इस संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना, साइबर साक्षरता बढ़ाना और यातायात अनुशासन सुनिश्चित करना।



