प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विकसित भारत की गति को और तीव्रता देगा : भावना बोहरा

संसद में प्रतुत बजट विश्वास, विकास और भविष्य की मजबूत नींव है जो हर भारतीय के उज्ज्वल कल का आधार बनेगा : भावना बोहरा





पंडरिया । आज लोकसभा सदन में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार संसद में विकसित भारत बजट 2026-27 प्रस्तुत किया, जो विकसित भारत 2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में केंद्रित बजट है। बजट का मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था में स्थिरता, दीर्घकालिक विकास, रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करना है। इस वर्ष का यह बजट तीन प्रमुख आधार स्तंभों पर केन्द्रित रहा जिसमें अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता बनाए रखकर आर्थिक विकास में तेजी लाना और उसे बनाए रखना, हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास तथा सार्थक भागीदारी के साथ प्रत्येक परिवार, समुदाय, धर्म और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करना। इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे समावेशी विकास, आर्थिक मजबूती और सामाजिक संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि यह बजट किसान, गरीब, महिला, युवा, मध्यम वर्ग और उद्यमियों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह बजट विकास को गति देने, आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करने और नए अवसरों के सृजन के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला है। विश्वास, विकास और भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला यह बजट हर भारतीय के उज्ज्वल कल का आधार बनेगा। देश की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास से लेकर सैन्य,सुरक्षा,खेल,शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों को गति देने के लिए प्रस्तुत यह सर्वसमावेशी बजट देश के उद्योग, महिला, किसान, युवा हर वर्ग को सशक्त करेगा। देश के हर जिले में बालिका छात्रावास बनाने की घोषणा बेटियों को शिक्षा एवं सुरक्षा प्रदान करेगा। बजट में तेंदूपत्ता उद्योग से जुड़े लोगों के लिए टीसीएस की दर 5% घटाकर सिर्फ 2% कर दी है जिससे हमारे प्रदेश के आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में तेंदुपत्ता संग्राहकों को सीधे लाभ मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह बजट गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग की तस्वीर और तकदीर बदलने वाला बजट है, जो भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को सशक्त करता है। भारतीय कृषि को विकसित बनाने और किसानों को आत्मनिर्भर करने की दिशा में बजट में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,62,671 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे कृषि अवसंरचना, उत्पादन, भंडारण, सिंचाई और किसान आय में वृद्धि को नई गति मिलेगी। ग्रामीण भारत को देश की विकास यात्रा का इंजन बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास हेतु 2,73,108 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह निवेश गांवों में रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाएगा। देश की आर्थिक गति को और तेज करने के लिए परिवहन क्षेत्र में 5,98,520 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास होगा। देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रक्षा क्षेत्र के लिए 5,94,585 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, जो सशक्त और सुरक्षित भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय हेतु 2,55,234 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 1,39,289 करोड़ का प्रावधान, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के भविष्य को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1,04,599 करोड़, ताकि आम नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। ऊर्जा क्षेत्र हेतु 1,09,029 करोड़, शहरी विकास हेतु 85,522 करोड़ और आईटी एवं टेलीकॉम हेतु 74,560 करोड़ का प्रावधान आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और आधुनिक अधोसंरचना को नई ऊंचाई देंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए कैंसर की 17 दवाओं पर आयात शुल्क खत्म कर दिया गया है।हीमोफिलिया, सिकल सेल, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां ड्यूटी फ्री की गई जिससे महंगे इलाज होंगे अब और सस्ते और गंभीर बीमारियों के मरीजों को सीधी राहत मिलेगी। इसके साथ ही मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हुए आयुर्वेदिक AIIMS खोलने की घोषणा एवं मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 मेडिकल हब बनाने का प्रावधान बजट में किया गया है।

भावना बोहरा ने कहा कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से भारत को बयोफार्म हब बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमारे हथकरघा, खादी और हस्शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज की शुरुआत की जाएगी जिसमें परंपरागत टेक्सटाइल को आधुनिक बनाने के लिए वस्त्र उद्योग का विस्तार किया जाएगा जिससे रोजगार सृजन होंगे। लघु और मध्यम उद्योग को चैम्पियन बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के समर्पित एसएमई विकास निधि की शुरुआत और विकसित भारत कोष में 2000 करोड़ का टॉपअप किया गया है।दिव्यांगजनों के लिए कौशल एवं सहारा योजना लागु की जाएगी,15 हजार माध्यमिक विद्यालय एवं 500 कॉलेज कंटेंट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। किसानों की आय को बढ़ाने के लिए बहुभाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करेगा। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम के लिए सेल्फ हेल्प इंटरप्रेन्योर की शुरुआत की जाएगी।

राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान की स्थापना की जाएगी, खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र,खेल, विज्ञान और तकनीक का एकीकरण किया जाएगा। सांस्कृतिक, पौराणिक एवं विरासतों का डिजिटल दस्तावेजीकरण के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी साथ ही नार्थ ईस्ट में बौद्धिक सर्किटों का विकास किया जाएगा। ऐसी कई जनहितैषी घोषणाएं और देश की आर्थिक प्रगति के निर्णय इस बजट में लिए गए हैं जो विकसित भारत को नई गति देगा साथ ही देश के महिला, किसान, युवा, उद्यमी, मध्यम वर्गीय परिवारों को सशक्त बनाएगा।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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