सांसद और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडे जीएसटी संशोधन को लेकर भ्रम फैल रहे : सुरेंद्र वर्मा

जीएसटी अप्रत्यक्ष कर है जो वस्तु और सेवाओं पर तय स्लैब अनुसार सभी से समान दर से वसूला जाता है, फिर सांसद संतोष पांडे का दावा अज्ञानता है या झूठ?





रायपुर । भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडे के द्वारा जीएसटी संशोधन को लेकर किए गए दावे पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जीएसटी अप्रत्यक्ष कर है जो वस्तु और सेवाओं पर तय स्लैब के अनुसार अमीर-गरीब सभी से समान दर से वसूला जाता है, भाजपा के प्रेस वार्ता में जीएसटी रिफॉर्म को लेकर दावा किया गया है कि मिडिल क्लास के लिए 5 प्रतिशत और बाकी बड़े क्लास के लिए 18 प्रतिशत स्लैब तय किया जा रहा है, यह गरीबों के लिए एक तोहफा है इससे निम्न वर्गीय और मध्यम वर्गीय लोगों को लाभ होगा जबकि हक़ीक़त यह है कि वस्तु और सेवा पर हर व्यक्ति से समान दर से जीएसटी वसूला जाता है, फिर सांसद संतोष पांडे का दावा अज्ञानता है या झूठ?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि त्रुटिपूर्ण, अव्यावहारिक जीएसटी की प्रक्रियागत कमियों और जन विरोधी प्रावधानों को समझने में भाजपा नेताओं को 7 साल लग गए। विगत सात वर्षों से जीएसटी के नाम पर आम जनता को लुटने और भयादोहन के बाद आज भाजपाइयों को महसूस हो रहा है कि 28 प्रतिशत का स्लैब अनुचित है? जब भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और लगातार दो बार के लोकसभा सांसद संतोष पांडे ही जीएसटी को नहीं समझ पाए फिर आम भाजपाइयों से कैसे उम्मीद कर सकते हैं?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के तमाम नेता दलीय चाटुकारिता में गलत बयान करते हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि वर्तमान में जीएसटी के चार स्लैब हैं जिनको घटकर दो किया जा रहा है जिसमें से 5 परसेंट गरीबों के लिए लगेगा और 18 परसेंट अमीरों के लिए, यह दावा मूलतः गलत है। वर्तमान में जीएसटी के सात अलग-अलग स्लैब हैं।

जीरो रेटेड, नील रेटेड, सोने चांदी और आभूषणों पर 3 प्रतिशत का स्लैब, दैनिक उपभोग की ज्यादातर वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और स्लैब 12 प्रतिशत का स्लैब, 18 परसेंट का स्लैब और सीमेंट ऑटोमोबाइल और स्पेयर पार्ट्स पर 28 परसेंट का स्लैब। केंद्र का प्रस्ताव इनमें से 12 और 28 प्रतिशत वाले स्लैब को 5 और 18 में समायोजित करने का है, जिसकी गलत व्याख्या करके झूठ बोला जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2017 में जब बिना तैयारी के, अव्यावहारिक जीएसटी देश पर थोपा गया, कांग्रेस तब से विरोध कर रही है, हमने तब भी कहा था कि 28 प्रतिशत का जीएसटी का स्लैब दुनियां में कहीं नहीं है, यह आम जनता के साथ अत्याचार है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला कानून है जिसमें लागू होने के पहले 5 साल के भीतर ही 900 से ज्यादा संशोधन करने पड़े फिर भी समस्याएं यथावत बनी हुई हैं।

सांसद संतोष पांडे ने आयकर अधिनियम 1961 के संदर्भ में भी गलत बयानी की। कल ही लोकसभा का सत्र खत्म हुआ है, सांसद संतोष पांडे को बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के किसानों को उनके आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, सदन में आप मौन क्यों रहे? छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले सैकड़ो यात्री ट्रेनों को क्यों निरस्त किया जा रहा है? रायपुर से राजनांदगांव होकर हैदराबाद जाने वाले एक्सप्रेस-वे, जिसके नाम पर 2024 के लोकसभा चुनाव में राजनांदगांव की जनता से संतोष पांडे ने वोट मांगे, उसे केंद्र की मोदी सरकार ने क्यों निरस्त कर दिया?

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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