रामकृष्ण केयर अस्पताल हादसा: कांग्रेस ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठाए सवाल
बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई कर्मियों को गटर में उतारने के लिए कौन है जिम्मेदार? – सुरेंद्र वर्मा।

रायपुर । राजधानी के प्रतिष्ठित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मियों की दर्दनाक मौत और एक अन्य की गंभीर स्थिति को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस पूरी घटना को अमानवीय और सुरक्षा मानकों की घोर अवहेलना बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि आखिर जहरीली गैस वाले गटर में बिना किसी सुरक्षा उपकरण और उचित प्रशिक्षण के मजदूरों को उतारने की अनुमति किसने दी? उन्होंने कहा, “यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि आपराधिक लापरवाही है। सीवरेज सफाई के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। इसके लिए जिम्मेदार चेहरों को बेनकाब किया जाना अनिवार्य है।
कांग्रेस प्रवक्ता वर्मा ने इस मामले में एक बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद घटनास्थल से शवों को किसने हटाया? पुलिस की विधिवत जांच से पहले साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने और मामले को दबाने का प्रयास करने वाले लोग कौन थे? उन्होंने मांग की कि जो लोग इस अमानवीय घटना पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन पर भी पुलिस प्रशासन कठोरतम कार्यवाही करे।
कांग्रेस प्रवक्ता वर्मा ने जांच के बिंदुओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सफाई कर्मी किसी निजी ठेका कंपनी के माध्यम से आए थे या वे सीधे अस्पताल प्रबंधन के कर्मचारी थे। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि मृतक सफाई कर्मियों के आश्रित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, साथ ही वर्तमान में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे चौथे सफाई कर्मी के लिए शासन द्वारा सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अमानवीय व दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न हो और सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल सख्ती से लागू किए जा सकें।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में लीपापोती की गई या रसूखदारों को बचाने का प्रयास हुआ, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।



