मनरेगा बचाने सड़क पर उतरी कांग्रेस; दीपक बैज के नेतृत्व में चंदखुरी से विधानसभा तक पदयात्रा, केंद्र पर साधा निशाना
बजट बोझ राज्यों पर डालकर स्कीम खत्म करने की तैयारी में केंद्र: कांग्रेस
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए संशोधनों के विरोध में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत एक विशाल जनसंपर्क पदयात्रा निकाली। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की अगुवाई में यह पदयात्रा माता कौशल्या धाम, चंदखुरी से शुरू होकर रायपुर स्थित पुराने विधानसभा परिसर तक पहुँची। पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का गंभीर आरोप लगाया।
माता कौशल्या के आशीर्वाद से रणभेरी
पदयात्रा का शुभारंभ करने से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित वरिष्ठ नेताओं ने माता कौशल्या के मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात चंदखुरी में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई, जिसमें कार्यकर्ताओं के हुजूम ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
“मनरेगा को खत्म करने की सोची-समझी साजिश” – दीपक बैज
जनसभा को संबोधित करते हुए पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर लोकसभा में नया बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना ‘मनरेगा’ की आत्मा को मार दिया है। यह महात्मा गांधी की सोच पर प्रहार है और सबसे गरीब भारतीयों से काम का अधिकार छीनने की जानबूझकर की गई कोशिश है।
बैज ने तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले मनरेगा एक केंद्रीय कानून था जिसमें 90% राशि केंद्र देता था। अब नए नियमों के तहत केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 कर दिया गया है। राज्य सरकारों की माली हालत को देखते हुए, जैसे ही उन पर 40-50% मैचिंग ग्रांट का बोझ पड़ेगा, वे धीरे-धीरे योजना को बंद करने पर मजबूर हो जाएंगी।
संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अब तक मनरेगा संविधान के आर्टिकल 21 (जीवन का अधिकार) के तहत एक गारंटी थी, लेकिन अब इसे केंद्र द्वारा नियंत्रित एक ‘कंडीशनल स्कीम’ बना दिया गया है। बैज ने कहा कि नई व्यवस्था में फंड खत्म होने या फसल के मौसम का हवाला देकर मज़दूरों को महीनों तक रोज़गार से वंचित रखा जा सकेगा, जो कि अलोकतांत्रिक है।
पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, रायपुर शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सुबोध हरितवाल, दीपक मिश्रा, सकलेन कामदार, शैलेश नितिन त्रिवेदी, शिवसिंह ठाकुर, पंकज मिश्रा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, अजीत कुकरेजा, उधोराम वर्मा, आकाश तिवारी, नंदलाल देवांगन, कमला वर्मा, आकाश शर्मा, विजय टंडन, हिरेन्द्र देवांगन, विनोद सिंह ठाकुर, ओम श्रीवास, सुयश शर्मा, देव साहू, सुधा सरोज, किशन बजारी, मिलिंद गौतम, अर्जुमन ढेबर, सुजीत सिंह, कमल धृतलहरे, आशीष वर्मा, विद्याभूषण सोनवानी, गिरधारी साहू, कोमल साहू, खिलावन निषाद, अजितेश शर्मा, योगेन्द्र सोलंकी, बलदेव साहू, रामा यादव, अश्विनी वर्मा, ओमप्रकाश यादव शामिल हुए।



