रायपुर में बिना अनुमति डीजे-टेंट लगाया तो खैर नहीं, डीसीपी पश्चिम ने दी सख्त चेतावनी
डीसीपी पश्चिम के निर्देश पर तीनों एसीपी ने ली व्यवसायियों की बैठक, कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश।

रायपुर । राजधानी रायपुर में सार्वजनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ध्वनि प्रदूषण व यातायात की समस्याओं पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन अब एक्शन मोड में है। डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल के निर्देशन एवं एडीसीपी राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में पश्चिम ज़ोन के अंतर्गत आने वाले सभी थाना क्षेत्रों के डीजे, टेंट और साउंड सिस्टम संचालकों की विशेष बैठक आयोजित की गई।
अनुमति पत्र के बिना नहीं बजेगा डीजे
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी धार्मिक, सामाजिक या निजी आयोजन (रैली, सभा, जुलूस) के लिए पुलिस प्रशासन से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य होगा। संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक आयोजक उन्हें ‘पुलिस अनुमति की पावती’ (लिखित पत्र) नहीं दिखाते, तब तक उन्हें डीजे, साउंड सिस्टम, टेंट या लाइट जैसी सामग्री उपलब्ध न कराई जाए।
कोर्ट की गाइडलाइन और ट्रैफिक का रखें ध्यान
बैठक में एसीपी इशू अग्रवाल (आज़ाद चौक), एसीपी देवांश सिंह राठौर (पुरानी बस्ती) और एसीपी नवनीत पाटिल (राजेंद्र नगर) ने अपने-अपने क्षेत्रों के व्यवसायियों को माननीय न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि टेंट या पंडाल लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि सड़क यातायात बाधित न हो और आम जनता को आवाजाही में परेशानी न हो।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। यदि कोई संचालक बिना अनुमति वाले आयोजनों में संसाधन उपलब्ध कराता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।— पुलिस प्रशासन, पश्चिम ज़ोन
शहर में पिछले कुछ समय से बिना अनुमति के होने वाले आयोजनों की संख्या बढ़ी है, जिससे कानून-व्यवस्था और शांति भंग होने की आशंका बनी रहती है। इस बैठक में समाज प्रमुखों को भी शामिल किया गया ताकि वे अपने स्तर पर लोगों को जागरूक कर सकें। पुलिस का उद्देश्य अवैध आयोजनों पर रोक लगाकर शहर में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखना है।



