ग्राम धनेली में उमड़ा भक्ति का सैलाब: चार दिवसीय मानस गान में गूँजी प्रभु श्री राम की महिमा
सरपंच लोकेश नौरंगे ने रामायण को बताया जीवन जीने की कला, युवा पीढ़ी को प्रेरित करने पर दिया जोर।

धरसीवा/धनेली। आस्था, परंपरा और भक्ति के अनूठे संगम के साथ धरसीवा ब्लॉक के ग्राम धनेली में इन दिनों आध्यात्मिक उत्सव की छटा बिखरी हुई है। अवसर है यहाँ आयोजित चार दिवसीय भव्य मानस गान समारोह का, जिसने न केवल ग्राम धनेली बल्कि आसपास के पूरे परिक्षेत्र को राममय कर दिया है। इस गरिमामयी आयोजन के सफल संचालन में मुख्य आयोजक धनीराम साहू एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष खेलूराम निषाद अपनी पूरी टीम के साथ समर्पित भाव से जुटे हुए हैं।

सरपंच लोकेश नौरंगे की विशेष पहल और मानस गान
समारोह के एक विशेष सत्र में ग्राम के ऊर्जावान सरपंच लोकेश नौरंगे के विशेष सौजन्य से प्रसिद्ध मानस मंडली ‘सिन्हा एकता मानस परिवार, काकेतरा’ को आमंत्रित किया गया। जैसे ही कलाकारों ने रामायण की चौपाइयों को संगीत की मधुर धुन पर पिरोना शुरू किया, पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों की तार्किक और संगीतमय व्याख्या करते हुए श्रोताओं को भक्ति के गहरे सागर में डुबो दिया।

रामायण जीवन जीने की सर्वश्रेष्ठ पाठशाला : लोकेश नौरंगे,सरपंच
सरपंच लोकेश नौरंगे ने रामायण की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रामायण केवल कागजों पर लिखी एक कथा नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की वह कला है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है। भगवान श्री राम के आदर्श और उनकी मर्यादा आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हैं। हमारा उद्देश्य है कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़े और नैतिकता का पाठ सीखे।

उन्होंने आगे कहा कि ग्राम धनेली में हो रहे इस मानस गान से जो सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो रही है, वह गाँव की एकता, आपसी भाईचारे और सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार
आयोजन समिति के अध्यक्ष खेलूराम निषाद और आयोजक धनीराम साहू ने बताया कि इस चार दिवसीय आयोजन का मुख्य लक्ष्य समाज में शांति, समृद्धि और धार्मिक चेतना को जागृत करना है। प्रतिदिन अलग-अलग मानस मंडलियाँ श्रीराम चरित मानस के विभिन्न कांडों (बालकांड, अयोध्या कांड, सुंदरकांड आदि) पर अपनी प्रस्तुतियाँ दे रही हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। धनेली सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग इस ज्ञान गंगा में डुबकी लगाने पहुँच रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान है।



