‘वीर बाल दिवस’:धर्म की रक्षा हेतु साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक रहेगा अमर: विधायक डॉ. संपत अग्रवाल

पिथौरा में गरिमामय ढंग से मनाया गया 'वीर बाल दिवस', विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को दी भावभीनी श्रद्धांजलि





पिथौरा । आज बसना विधानसभा क्षेत्र के पिथौरा में अदम्य साहस और शहादत के प्रतीक ‘वीर बाल दिवस’ का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया। इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने सिख धर्म के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की वीरता को नमन करते हुए समाज को उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी के चलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर वीर साहिबजादों की शहादत को याद किया और अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा परिसर ‘बोले सो निहाल’ के जयकारों से गूंज उठा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह अन्याय के विरुद्ध न्याय की जीत और अटूट आस्था का प्रतीक है। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सुपुत्रों, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने अत्यंत कम आयु में वह साहस दिखाया जिसकी मिसाल दुनिया के इतिहास में कहीं नहीं मिलती।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने साहिबजादों के शौर्य और अदम्य साहस पर प्रकाश डालते हुए भावुक शब्दों में कहा कि मात्र 7 और 9 वर्ष की कोमल आयु में भी बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह शेरों की तरह दहाड़ते थे। मुगल शासकों ने उन्हें बंदी बनाकर उन पर इस्लाम स्वीकार करने और धर्म परिवर्तन करने का भारी दबाव डाला, लेकिन वे अपने निश्चय से टस से मस नहीं हुए। मुगल सम्राटों की भीषण क्रूरता भी उनके बुलंद हौसलों को नहीं डिगा सकी और उन्होंने अपना शीश कटाना तो स्वीकार कर लिया, परंतु अत्याचारी शासकों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। अंततः धर्म और मानवता की रक्षा के लिए वे हंसते-हंसते दीवारों में चुनवा दिए गए। उनकी यही महान शहादत आज भी हमें अपने संस्कारों, अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति सदैव समर्पित रहने की अटूट प्रेरणा देती है।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अंत में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को साहिबजादों के जीवन से वीरता, धैर्य और नैतिक मूल्यों की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित कर इन छोटे महानायकों की वीरता को वैश्विक पहचान दिलाई।

इस अवसर पर पिथौरा भाजपा मंडल अध्यक्ष आशीष शर्मा,जनपद पंचायत अध्यक्ष ऊषा पुरुषोत्तम धृतलहरें, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, पिथौरा नगर पंचायत अध्यक्ष देव सिंह निषाद , मुख्य वक्ता राजिंदर खनूजा ,भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी,जनपद सदस्य पुरर्षोत्तम घृतलहरे ,विजय नायक, नरेश सिंघल, विक्की सलूजा, त्रिलोक अजनानी, सौरभ अग्रवाल विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र पांडेय , विधायक प्रतिनिधि अनूप अग्रवाल, रैदास गोयल, विधायक प्रतिनिधि रविन्द्र आजमानी,सांसद प्रतिनिधि मनमीत छाबड़ा,परमीत सिंह माटा , दुर्गेश सिंहा दीपक सलूजा,कुलजीत आजमानी, राजेश चौधरी, गजराज राबी, कुलवंत सिंह खनुजा, विजय गुप्ता , भाजपा कार्यकर्ता सहित सिक्ख समाज के सम्माननीयजन उपस्थित रहे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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