शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट में जनभागीदारी समिति की बैठक,विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने दी विकास कार्यों को गति

जनभागीदारी समिति की बैठक में विधायक ने 1 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की, अन्य दानदाताओं ने भी बढ़ाया मदद का हाथ





बसना । उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और अधोसंरचनात्मक सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहराकोट में जनभागीदारी समिति की द्वितीय सामान्य परिषद की बैठक संपन्न हुई। बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस बैठक ने न केवल महाविद्यालय के विकास को नई गति दी, बल्कि जनसहयोग की एक प्रेरक मिसाल भी पेश की।

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साय सरकार का लक्ष्य शिक्षा को आधुनिक और सुलभ बनाना है। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए हम संसाधनों की कमी को कभी बाधा नहीं बनने देंगे।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने महाविद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि शिक्षण व्यवस्था केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि पेयजल, बाउंड्री वॉल और अतिरिक्त कमरों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर होगा। विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार आधारित कौशल प्रशिक्षण की शुरुआत जरूरी है । प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ नैतिक और अनुशासित व्यक्तित्व का निर्माण आवश्यक ही ।

इस बैठक का सबसे प्रभावशाली पहलू समिति के सदस्यों द्वारा स्वप्रेरणा से दिया गया आर्थिक सहयोग रहा। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्वयं नेतृत्व करते हुए सबसे बड़ी राशि की घोषणा की, जिससे प्रेरित होकर अन्य सदस्यों ने भी मुक्त हस्त से दान दिया।

शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहराकोट की इस विशेष बैठक का सबसे गौरवशाली और प्रेरणादायक अध्याय तब शुरू हुआ, जब समिति के सदस्यों ने महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वप्रेरणा से आर्थिक सहयोग की घोषणा की। विकास की इस मुहिम में बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्वयं मिसाल पेश करते हुए नेतृत्व संभाला और अपनी ओर से 1,00,000 (एक लाख) रुपये की बड़ी राशि प्रदान करने का संकल्प लिया। विधायक जी के इस सेवाभावी कदम से उत्साहित होकर अन्य सदस्यों ने भी महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य के लिए मुक्त हस्त से योगदान दिया।

इसी क्रम में कैलाश अग्रवाल ने 21,000 रुपये, गजेंद्र चौधरी ने 11,000 रुपये और संतोष सिंह ठाकुर ने 11,000 रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। साथ ही, शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए योगेश टंडन एवं अशोक साहू ने 5,000-5,000 रुपये तथा बंशीधर राणा ने 3,000 रुपये का योगदान देने का संकल्प लिया। जनभागीदारी की यह अनूठी पहल न केवल महाविद्यालय की अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि यह समाज के प्रति जन-प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों की गहरी संवेदनशीलता को भी रेखांकित करती है।

विधायक जी ने इस सराहनीय पहल के लिए सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब समाज अपने शैक्षणिक संस्थानों के लिए आगे आता है, तभी वास्तविक सशक्तिकरण संभव है।

बैठक में आदर्श आवासीय महाविद्यालय की विशिष्टता को बनाए रखने के लिए आवास, भोजन, स्वच्छता, पुस्तकालय और खेलकूद की सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। स्थानीय प्रशासन और समिति को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

अंत में, उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, प्राचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों ने महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। यह बैठक शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआं।

इस बैठक में विधायक प्रतिनिधि कैलाश चंद्र अग्रवाल,प्राचार्य डॉ अनुसूईया अग्रवाल, उद्योग प्रतिनिधि गजेंद्र चौधरी, अ.जा. प्रतिनिधि योगेश टंडन,संतोष सिंह ठाकुर,बंशीधर राणा,अतिथि व्याख्याता डॉ कपिल चंद्र,अतिथि व्याख्याता श्रीनगर शहज़ाद अहमद,प्रियंका कुशवाहा, गिरी चौहान,नितेश पटेल,संदीप भोई, कुँचन साव सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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