कोरोना का असर, 70 फ़ीसदी कम हो गए उपभोक्ताओं के गिले-शिकवे

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रायपुर। देश भर में कोरोना का असर हर क्षेत्र में पड़ा है। इससे उपभोक्ता आयोग भी अछूता नहीं रहा है। देश भर में साल 2020 में लगातार कोरोना का कहर होने के कारण बार-बार लाकडाउन लगता रहा। नतीजा यह हुआ कि अपेक्षाकृत खरीदारी कम हो गई और लाकडाउन के चलते उपभोक्ताओं की शिकायतें भी कम हो गईं।

छत्तीसगढ़ के जिला उपभोक्ता फोरम में भी शिकायतें कम हो गईं। उपभोक्ता आयोग से मिले राष्ट्रीय आंकड़ों की मानें तो देश भर के उपभोक्ताओं की शिकायतें 70 फीसद तक कम हो गई हैं। छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां 80 फीसद मामले चिटफंड कंपनियों के खिलाफ, बीमा कंपनी, दुकानदारों और बिल्डरों के खिलाफ आ रहे हैं।

पिछले सालों में लगातार प्रदेश में दुकानदारों, बैंकों, बीमा कंपनियों और बिल्डरों की मनमानी से परेशान आम उपभोक्ता आयोग पहुंचे हैं। हालांकि अभी भी पुराने मामले आयोगों में लंबित हैं। दो मार्च, 2021 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में 370 मामले में सुनवाई के लिए लंबित हैं।

छत्तीसगढ़ के राज्य आयोग में 2018 में 1190, 2019 में 1090 और 2020 में केवल 386 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इसी तरह प्रदेश के जिला उपभोक्तर आयोग में 2018 में 4531, 2019 में 4248 और 2020 में 3267 मामले दर्ज हुए हैं। जिला उपभोक्ता आयोग रायपुर एक साल में 280 मामले दर्ज हो चुके हैं। दो साल पहले 2019 में जिला उपभोक्ता आयोग में आकर 284 ग्राहकों ने मामला दर्ज करवाया था। बीते साल 2020 में कुल 280 मामले दर्ज हुए थे।

जागो ग्राहक जागो

विश्व भर में 15 मार्च के दिन विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति सजग हों। भारत सरकार देश में ग्राहकों को जागरूक करने के लिए लंबे समय से ‘जागो ग्राहक जागो अभियान चला रही है। इसका असर भी पिछले सालों में देखने को मिला है।

आयोग में ऐसे कर सकते हैं आनलाइन आवेदन

सबसे पहले आयोग के वेबसाइट www.cms.nic.in पर जाकर शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के बाद 15 दिन के बाद हार्ड कापी जमा करनी होगी। जिला उपभोक्ता फोरम में एक रुपये से लेकर 20 लाख स्र्पये तक के मामले दर्ज किए जाते हैं। साथ ही 20 लाख से एक करोड़ तक के केस दर्ज किए जाते हैं।

इस तरह के मामलों में मिला न्याय

टी शर्ट में खराबी,ठोका जुर्माना: एक युवक ने रायपुर के पंडरी से 1899 की टी शर्ट खरीदी। दुकानदार ने इसे ब्रांडेड बताया था। बाद में यह खराब हो गई तो युवक ने आयोग में शिकायत की। आयोग ने दुकानदार पर चार हजार 899 स्र्पये का जुर्माना लगाया था।

फोरम ने दिलाया नया मोबाइल सेट

रायपुर के एक युवक ने आठ हजार स्र्पये का एक मोबाइल फोन लिया। एक साल के वारंटी पीरियड के भीतर मोबाइल खराब हो गया। उपभोक्ता आयोग ने मोबाइल कंपनी से युवक को नया मोबाइल सेट, मानसिक कष्ट के दो हजार और वाद व्यय के एक हजार रुपये देने का आदेश दिया।

प्रदेश से लगे राज्य आयोगों में कुल मामले वर्षवार

  • राज्य 2018 2019 2020
  • छत्तीसगढ़ 1190 1090 386
  • मध्यप्रदेश 829 2831 842
  • महाराष्ट्र 4433 5869 2140
  • उत्तर प्रदेश 2904 1984 660
  • आंध्रपदेश 739 540 99
  • बिहार 168 87 39
  • झारखंड 332 139 37

देश भर से राज्य आयोगों में दर्ज शिकायतें

साल दर्ज मामले

  • 2018 – 15,304
  • 2019 – 13,829
  • 2020 – 5,401

राष्ट्रीय आयोग में दर्ज वर्षवार कुल मामले

साल मामले

  • 2018- 8992
  • 2019 – 7800
  • 2020 – 3111

एक्सपर्ट व्यू

इसलिए कम हुई शिकायतें

रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग की सदस्य प्रिया अग्रवाल ने कहा कि 23 मार्च 2020 से 14 मार्च तक 2021 के दौरान जो केस आए हैं। इस दौरान जो भी मामले आए हैं, वे खारिज नहीं होंगे। कई मामलों में 45 दिन के भीतर जवाब नहीं मिलने पर मामले खारिज हो जाते थे, लेकिन कोरोना के कारण राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने निर्देश दिया है उपभोक्ता आयोग के प्रकरणों को यथावत रखें। इस समय लोगों ने अपेक्षाकृत खरीदारी कम की या बीमा कम कराया, इसलिए कम शिकायतें आईं।