भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम; विशेषज्ञ समूह का गठन, सीधी उड़ानों और सीमा व्यापार की बहाली पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने सीमा विवाद के समाधान, व्यापारिक सहयोग और जन संपर्क बढ़ाने के लिए कई अहम समझौतों पर सहमति जताई।






नई दिल्ली, 20 अगस्त 2025 : भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं में कई अहम समझौते हुए।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने सीमा विवाद के शीघ्र समाधान के लिए एक विशेषज्ञ समूह के गठन पर सहमति जताई है। यह समूह भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) के तहत काम करेगा और सीमांकन के जटिल मुद्दों पर ठोस समाधान तलाशेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने वांग यी से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत-चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमानित और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत सीमा संबंधी मुद्दों के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

वांग यी ने प्रधानमंत्री को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का संदेश और आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए निमंत्रण सौंपा। मोदी ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वह तियानजिन में शी चिनफिंग से मिलने को लेकर आशान्वित हैं।

मुख्य सहमतियां और घोषणाएं:

  • सीमा विवाद के समाधान के लिए विशेषज्ञ समूह का गठन
  • लिपुलेख, शिपकी ला और नाथू ला मार्गों से सीमा व्यापार की बहाली
  • भारत-चीन के बीच सीधी वाणिज्यिक उड़ानों की बहाली और वीज़ा प्रक्रिया को सरल बनाना
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा का विस्तार और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं
  • सीमा पार नदियों पर सहयोग और हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने की सहमति
  • पूर्वी और मध्य सेक्टर में सैन्य संवाद तंत्र का विस्तार
  • राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का संयुक्त उत्सव
  • द्विपक्षीय व्यापार और निवेश प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए ठोस उपाय

वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि, पिछले वर्ष अक्टूबर में रूसी शहर कज़ान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के बाद से संबंधों में स्थिरता और सकारात्मकता लौटने लगी है।

वांग यी की यात्रा को दोनों देशों द्वारा संबंधों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक गंभीर प्रयास माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक में भी द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा हुई।

यह घटनाक्रम न केवल भारत-चीन संबंधों के लिए, बल्कि पूरे एशियाई क्षेत्र की स्थिरता और सहयोग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यदि आप चाहें, मैं इस खबर के लिए डिजिटल स्लाइड, सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूं।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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