सरकार की दुर्भावना से सरकारी अस्पताल बदहाल, निजी अस्पतालों में आयुष्मान के भुगतान लंबित, मरीज बेमौत मरने मजबूर : सुरेंद्र वर्मा

भाजपा सरकार की दुर्भावना से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर: कांग्रेस





रायपुर । छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के लिए भाजपा की सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के दावे केवल कागजी है, हकीकत यह है कि सरकार के दुर्भावना के चलते आयुष्मान कार्ड से इलाज करने वाले छोटे निजी अस्पताल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं, 1200 करोड़ से अधिक का भुगतान बाकी है, आगामी 15 फरवरी से बिल सबमिट करने से मना कर दिया गया है, सितंबर 2025 से बाद के इलाज का भुगतान नहीं हुआ है, ऐसे में वित्तीय वर्ष समाप्ति के बाद निजी अस्पतालों के पैसे लेप्स हो जाएंगे।

समानता आयुष्मान कार्ड से इलाज का बजट हर साल 10 से 15 प्रतिशत बढ़ता है, लेकिन इस सरकार की दुर्भावना के चलते पिछले साल जो 2500 करोड़ का बजट था चालू वित्तवर्ष में उसे घटाकर मात्र 1500 करोड़ कर दिया गया। पिछले साल के भुगतान के टीडीएस का क्रेडिट अब तक अस्पतालों को नहीं मिला है, इस साल में भी पिछले 9 महीने से यही हाल है। फायर सेफ्टी के नाम पर अनाप-शनाप वसूली निजी अस्पतालों से की जा रही है। इस सरकार में सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जांच, इलाज और दवाओं के लिए मरीज भटक रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो गयी। भाजपा सरकार के राज में विकास कार्य तो दम तोड़ ही रहे थे। अब पैसों के आभाव में मरीजों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है उनका ईलाज नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार आयुष्मान कार्ड का भुगतान कर मरीजों के इलाज की सुविधा बहाल करें।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर विकसित किया था। सभी जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल के तौर पर विकसित किया था। ब्लॉक के अस्पतालों में भर्ती की सुविधाएं विकसित की थी।

अधिकांश जिला अस्पताल में डायलिसिस और क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू किए गए थे। 25 लाख तक की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना छत्तीसगढ़ में संचालित थी। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में 4000 से अधिक नियमित पदों पर डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और सहायक कर्मचारी की भर्तियां की। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना, हाट बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लीनिक, दाई दीदी क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब स्थापित किया था लेकिन अब सरकार बदलते ही विगत 2 साल के भीतर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो चुका है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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