आदियोगी मंदिर में गूंजा ‘हर-हर महादेव’: विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के सानिध्य में संपन्न हुआ शिव-शक्ति का दिव्य गठबंधन
महाशिवरात्रि पर निकली शिव बारात, विधायक डॉ संपत अग्रवाल बारात में हुए शामिल

बसना । महाशिवरात्रि के पावन और पुनीत अवसर पर बसना स्थित ‘आदि योगी शिव मंदिर’ एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गया। यहाँ भगवान भोलेनाथ और जगत जननी माता पार्वती का विवाहोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं रहा, बल्कि आस्था का एक ऐसा महाकुंभ बन गया जिसने समूचे अंचल को ‘शिवमय’ कर दिया। इस ऐतिहासिक और अलौकिक प्रसंग के मुख्य साक्षी बने लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, जिनके नेतृत्व में सनातनी परंपराओं की भव्यता देखते ही बन रही थी।
विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप, महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन की वह महानिशा है, जो सृष्टि के सृजन का आधार है। इस अवसर पर आदि योगी मंदिर में उत्सव की शुरुआत पूर्ण विधि-विधान के साथ हुई। विवाह की रस्मों को जीवंत करते हुए माता पार्वती और भगवान शिव के स्वरूपों को हल्दी और मेहंदी लगाई गई। मंदिर प्रांगण में उपस्थित मातृशक्ति द्वारा गाए जा रहे मंगल गीतों और सोहरों ने वातावरण में एक अद्भुत मिठास भर दी। इसके पश्चात, विद्वान पंडितों के सानिध्य में गूँजते ओजस्वी वेदोक्त मंत्रोच्चार के बीच जब शिव-शक्ति का गठबंधन संपन्न हुआ, तो वहां उपस्थित हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस वर्ष के महोत्सव की सबसे हृदयस्पर्शी और विशेष चर्चा का विषय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के परिवार की भक्ति रही। महोत्सव में विधायक जी के बड़े सुपुत्र सुमित अग्रवाल ने भगवान शिव और उनकी पुत्रवधू सोनिया अग्रवाल ने माता पार्वती के अलौकिक स्वरूप को धारण कर साक्षात देव-विवाह की प्रतीति कराई। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अपनी धर्मपत्नी के साथ देवाधिदेव महादेव और मां शक्ति की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने कहा कि शिव और शक्ति का यह विवाह पुरुष और प्रकृति के एकाकार होने का प्रतीक है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस दिव्य विवाह का साक्षी बनने और बाबा की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। महादेव से मेरी यही प्रार्थना है कि बसना क्षेत्र का प्रत्येक परिवार खुशहाल रहे और प्रदेश में शांति व समरसता का वास हो।
विवाह के लिए शिव बारात निकली ।’शिव बारात’ ने तो बसना की सड़कों पर भक्ति का उफान ला दिया। इस भव्य शोभायात्रा में शिवगणों, नंदी, भूत-पिशाच और विभिन्न देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियों ने हर किसी का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से आकाश गुंजायमान हो गया। शिव-पार्वती के रूप में सुसज्जित विधायक परिवार के सदस्यों की छवि निहारने के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने अपने घरों की छतों और द्वार से पुष्प वर्षा कर बारात का भावपूर्ण स्वागत किया।
आदि योगी शिव मंदिर में आयोजित यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन था, बल्कि इसने सामाजिक एकता और समरसता की एक नई मिसाल पेश की।विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि सनातन धर्म की परंपराएं समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। देर रात तक चले भंडारे और भजन संध्या के साथ इस महोत्सव का समापन हुआ, जिसकी दिव्यता और भव्यता की गूँज बसना अंचल में लंबे समय तक सुनाई देगी।



