जैन संत विमद सागर का जैन समाज के लोगों ने किए अंतिम दर्शन, लगाई थी फांसी

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जैन संत विमद सागर के आत्महत्या कर लेने के बाद रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। जैन संत के आत्महत्या की घटना के बाद जैन समाज शोक में डूबा है। संत विमद सागर का दिगंबर जैन संत की परंपरानुसार अंतिम संस्कार किया गया जिसमें जैन समाज के सैकड़़ों लोगों ने दर्शन कर उन्हें आदरांजलि दी।

दिगंबर जैन संत आचार्य विमद सागर का पार्थिव देह रविवार सुबह आठ बजे समर्थ सिटी ले जाया गया। परंपरा के मुताबिक अंतिम संस्कार के लिए उन्हें डोली में ले जाया गया। उनके अंतिम संस्कार में  मुनि प्रशाल सागर, प्रमाद सागर सहित सांसारिक जीवन के रिश्तेदार पिता, बहन भी मौजूद थे।

फांसी लगाए जाने से विमद सागर के मृत शरीर का पोस्टमार्टम हुआ 

उल्लेखनीय है कि आचार्य विमद सागर महाराज ने शनिवार को मंदिर के एक कमरे में फांसी लगा ली थी। इसके बाद उनके मृत शरीर का पुलिस ने पोस्ट मार्टम कराया और पार्थिव देह को अंजनी नगर संत सदन लाया गया था।

मार्च महीने से इंदौर में थे संत वि्मद सागर

संत विमद सागर जी मार्च के महीने से इंदौर में थे। उनके सानिध्य में तीन बड़े पंचकल्याणक होने वाले थे। इंदौर में इस बार दो बड़े दिगंबर जैन संत आचार्य विमद सागर और आचार्य प्रणाम सागर महाराज का ही चातुर्मास हुआ। आपको बता दें कि संत विमद सागर 20 साल की उम्र में दीक्षा लेने के बाद से सांसारिक जीवन से दूर थे और उन्हंने आचार्य विरागसागर जी महाराज से दीक्षा ली थी। वे कठोर तप करते थे और 18 साल से 48 घंटे में एक बार ही आहार ले रहे थे। उसी समय से वे उपवास रख रहे थे जिसमें से अभी तक करीब 1100 उपवास वे कर चुके थे।