यह बजट शेखचिल्ली का शोरबा है, धुंआ बहुत है और धार बहुत पतली-पूर्व सीएम भूपेश बघेल

मोदी सरकार के बजट ने खोली विश्व गुरु के दावों की कलई, आम जनता के लिए घोर निराशाजनक।





रायपुर। केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि यह बजट शेखचिल्ली का शोरबा है.शेखी बघारते रहे कि विश्व में फलां नंबर की अर्थव्यवस्था हो गई, विश्व गुरु हो गए, पर बजट ने कलई खोल कर रख दी.पिछले साल यानी वर्ष 2025-26 में न राजस्व बढ़ा पाए, न टैक्स वसूली मज़बूत हो सकी. इस बार भी निर्मला सीतारमण जी के धुंआधार बजट में धुंआ बहुत है और धार बहुत पतली है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि आम जनता के लिए घोर निराशाजनक बजट है। मोदी सरकार के बजट से देश का हर वर्ग निराश है। मिडिल क्लास, लोअर मिडल क्लास, गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। यह बजट पूरी तरह से और अव्यवहारिक, अन्यायपूर्ण और मिडिल क्लास विरोधी है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि शेयर बाजार बैठ गया है, निवेशक बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। बाजार लगातार गिर रहा है, मोदी सरकार के आर्थिक नीतियों पर से जनता का भरोसा टूट चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि मोदी सरकार के इस बजट में युवाओं के रोजगार के लिए कुछ भी नहीं है। निवेशक नए निवेश से घबरा रहे हैं, पूर्व में संचालित उद्योग, व्यापार चलाना मुश्किल हो रहा है और यह सरकार केवल मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा रही हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं। मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में जनकल्याणकारी योजनाएं नहीं है, खाद सब्सिडी, खाद्य सब्सिडी, मनरेगा, एमएसपी की गारंटी, स्वामीनाथन कमेटी के अनुसार एमएसपी और सामाजिक सुरक्षा के मद में कोई विशेष प्रावधान नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि न बढ़ती महंगाई का कोई उपाय, न बढ़ती बेरोज़गारी को रोकने का कोई प्रयास.न विदेशी हलचल से बाज़ार पर होने वाले असर को रोकने का कोई संकल्प.यह कटौती का बजट है. मोदी जी अब काटने में लग गए हैं. बांट तो वो पहले ही रहे थे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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