वित्तीय समावेशन की मिसाल, जनधन योजना ने बदली करोड़ों ज़िंदगियाँ : विधायक डॉ अग्रवाल

“अब गरीब का अधिकार कोई नहीं खाता, क्योंकि उनके पास है जनधन खाता”-विधायक डॉ संपत अग्रवाल





बसना । प्रधानमंत्री जन धन योजना ने आज अपने 11 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे आर्थिक न्याय और समावेशन की ऐतिहासिक क्रांति बताया ।

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि 28 अगस्त 2014 को जब यह योजना शुरू हुई थी, तब एक सपना देखा गया था, कि हर भारतीय का बैंक खाता हो, हर हाथ में आर्थिक ताकत हो। आज 50 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के साथ यह सपना साकार हो चुका है।

विधायक डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना ने 11 वर्षों में वित्तीय समावेशन की नई मिसाल कायम की है। अब तक 55.90 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 2.63 लाख करोड़ से अधिक की राशि जमा है, जो शुरुआत में मात्र 15,670 करोड़ थी। इनमें से 67% खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं, जिससे वंचित वर्गों को सीधा लाभ मिला है। साथ ही, DBT के माध्यम से 321 सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे इन खातों में पहुंचाया गया है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता को नई गति मिली है।

विधायक डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह योजना सिर्फ बैंकिंग सुविधा नहीं, बल्कि “सबका साथ, सबका विकास” का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने इसे डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक न्याय की नींव बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार लाखों गरीब परिवारों को बैंकिंग सिस्टम से जुड़ाव मिला। अब वे सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि आर्थिक भागीदार हैं।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्षों के नेतृत्व को “भारत के लिए स्वर्णिम युग” बताते हुए कहा कि मोदी जी ने देश को वैश्विक मंच पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। जनधन योजना इसका प्रमाण है कि जब नेतृत्व दूरदर्शी हो, तो परिवर्तन संभव होता है।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने नागरिकों से इस अभियान को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा आइए, इस वित्तीय क्रांति का हिस्सा बनें। हर नागरिक को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सिर्फ सरकार का नहीं, हम सबका साझा संकल्प है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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